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Chaitra Navratri: नवरात्रि में दान करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. भूलकर भी पुराने या इस्तेमाल किए हुए कपड़ों का दान न करें क्योंकि इससे दान का पूर्ण पुण्य नहीं मिलता और नकारात्मक प्रभाव भी पड़ सकता है.
उज्जैन. हिंदू धर्म में नवरात्रि का पर्व बेहद पवित्र और खास माना जाता है. मान्यता है कि नवरात्रि के दौरान मां स्वयं पृथ्वी पर आकर भक्तों को आशीर्वाद देती हैं. 19 मार्च से चैत्र नवरात्रि का शुभ आरंभ हो चुका है. इन 9 दिनों में मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा की जाती है और भक्त पूरी श्रद्धा से साधना करते हैं. धार्मिक मान्यताओं में इस दौरान दान-पुण्य को अत्यंत फलदायी बताया गया है लेकिन सही चीजों का दान करना उतना ही जरूरी है. उज्जैन के ज्योतिष आचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार, अगर अनजाने में भी गलत वस्तुओं का दान किया जाए, तो इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है. इससे मिलने वाला पुण्य कम हो जाता है और जीवन में आर्थिक परेशानियां बढ़ सकती हैं. माना जाता है कि गलत दान व्यक्ति को दरिद्रता की ओर भी ले जा सकता है, इसलिए नवरात्रि के पावन दिनों में सोच-समझकर दान करना चाहिए ताकि मां दुर्गा की कृपा बनी रहे और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन हो.
नवरात्रि के पावन दिनों में दान करते समय एक खास बात का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. भूलकर भी पुराने या इस्तेमाल किए हुए कपड़े दान न करें क्योंकि इससे दान का पूर्ण पुण्य प्राप्त नहीं होता और नकारात्मक प्रभाव भी पड़ सकता है. मान्यता है कि इस समय हमेशा साफ, नए और अच्छे वस्त्रों का ही दान करना चाहिए, तभी माता रानी की कृपा बनी रहती है.
नुकीली चीजें दान करना अशुभ
नवरात्रि के पावन दिनों में दान करते समय विशेष सावधानी रखना बेहद जरूरी है. मान्यता है कि कुछ धातुओं का बिना सोच-समझकर किया गया दान पारिवारिक अशांति और आर्थिक परेशानियों को बढ़ा सकता है, इसलिए इस दौरान धातु से जुड़ी वस्तुएं दान करने से पहले विचार करें ताकि घर की सुख-शांति और समृद्धि बनी रहे. नवरात्रि में धारदार वस्तुएं जैसे- चाकू, कैंची या अन्य नुकीली चीजें दान करना शुभ नहीं माना जाता. ऐसी वस्तुओं का दान घर में नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ा सकता है और पारिवारिक रिश्तों में तनाव पैदा कर सकता है. मान्यता है कि इससे बनते काम भी रुकने लगते हैं, इसलिए दान करते समय इन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए.
पुण्य के बजाय मिलेगा नकारात्मक फल
अगर भोजन दान कर रहे हैं, तो ताजा, स्वच्छ और शुद्ध भोजन ही देना चाहिए. शास्त्रों के अनुसार, बासी या अशुद्ध भोजन का दान करना उचित नहीं माना गया है. ऐसा करने से पुण्य मिलने के बजाय नकारात्मक फल मिल सकते हैं, इसलिए दान करते समय गुणवत्ता और पवित्रता का विशेष ध्यान रखना जरूरी है. नवरात्रि में लाल रंग के वस्त्र, सुहाग की सामग्री, चावल और गेहूं जैसे अनाज का दान करना बेहद शुभ होता है. ऐसी मान्यता है कि इन वस्तुओं का दान करने से माता रानी प्रसन्न होती हैं और जीवन में सुख, समृद्धि और सौभाग्य का आशीर्वाद प्रदान करती हैं.
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राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.