उज्जैन में मंगलवार शाम कुछ पेट्रोल पंप बंद होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। देशभर में ईंधन की उपलब्धता को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच यह स्थिति सामने आई, जिससे स्थानीय स्तर पर भ्रम और चिंता बढ़ गई। देश में पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता को लेकर इन दिनों व्यापक चर्चाएं चल रही हैं। कई स्थानों पर लोग एहतियात के तौर पर अधिक मात्रा में ईंधन भरवा रहे हैं, जिससे स्थानीय आपूर्ति पर दबाव बन रहा है। इसी पृष्ठभूमि में उज्जैन में भी कुछ पंपों के बंद होने से आमजन को दिक्कतें हुईं। शहर के दो तालाब क्षेत्र और नाना खेड़ा स्थित पेट्रोल पंपों पर शाम के समय पेट्रोल-डीजल की बिक्री बंद कर दी गई। इससे वहां पहुंचे लोगों को निराश लौटना पड़ा और कई लोग ईंधन के लिए भटकते दिखे। हालांकि, सीएनजी उपलब्ध थी। कुछ उपभोक्ताओं ने बताया कि पंप कर्मचारियों ने उन्हें अगले दिन सुबह ईंधन मिलने की जानकारी दी। इस स्थिति से फूड डिलीवरी जैसे कार्यों से जुड़े युवाओं का काम भी प्रभावित हुआ, जिससे उनकी आय पर सीधा असर पड़ा। हालांकि, जिला आपूर्ति नियंत्रक अधिकारी शालू वर्मा ने इन आशंकाओं को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि उज्जैन जिले में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि जिले में पर्याप्त मात्रा में ईंधन का स्टॉक मौजूद है। इंडियन ऑयल के पंपों पर लगभग 690 हजार किलो लीटर पेट्रोल और 904 हजार किलो लीटर डीजल उपलब्ध है। भारत पेट्रोलियम के पंपों पर 280 हजार किलो लीटर पेट्रोल और 550 हजार किलो लीटर डीजल मौजूद है। इसी तरह, हिंदुस्तान पेट्रोलियम के पंपों पर 450 हजार किलो लीटर पेट्रोल और 650 हजार किलो लीटर डीजल उपलब्ध है। नायरा कंपनी के पंपों पर 112 हजार किलो लीटर पेट्रोल और 195 हजार किलो लीटर डीजल स्टॉक में है। एचपी गैस/अन्य पंपों पर 74 हजार किलो लीटर पेट्रोल और 118 हजार किलो लीटर डीजल उपलब्ध है। कुल मिलाकर, उज्जैन जिले में लगभग 1605 हजार किलो लीटर पेट्रोल और 2417 हजार किलो लीटर डीजल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, जो किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त है।
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