भोपाल/रायपुर: 24 मार्च 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया. जस्टिस पीके मिश्रा और जस्टिस मनमोहन की पीठ ने कहा कि कोई भी व्यक्ति जो हिंदू, सिख या बौद्ध धर्म के अलावा किसी अन्य धर्म को मानता है, वह अनुसूचित जाति का सदस्य नहीं हो सकता. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि हिंदू, सिख या बौद्ध धर्म के अलावा किसी अन्य धर्म (जैसे ईसाई या इस्लाम) को अपनाने पर अनुसूचित जाति (SC) का दर्जा स्वतः समाप्त हो जाता है.
यह फैसला आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के एक आदेश को बरकरार रखते हुए आया, जिसमें कहा गया कि ईसाई धर्म अपनाने और उसका सक्रिय रूप से पालन करने वाले व्यक्ति SC का लाभ नहीं ले सकते. अब इस फैसले के बाद राजनीतिक गलियारे में हलचल बढ़ गई. जानें मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भाजपा और कांग्रेस के नेताओं ने क्या कहा…
एतिहासिक और स्वागतयोग्य फैसला
सुप्रीमकोर्ट के फैसले पर छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रवक्ता अनुराग अग्रवाल का बयान सामने आया. उन्होंने कहा, ”हिंदू, बौद्ध, सिख धर्म के अतिरिक्त अन्य धर्म मानने वालों का SC दर्जा स्वतः ही समाप्त हो जाएगा. सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला स्वागतयोग्य और ऐतिहासिक है.
इससे बेहतर व्यवस्था लागू होगी. अवैध धर्मांतरण पर लगाम लगेगी.”
दीपक बैज, कहकर भी चुप रहे!
हालांकि, छत्तीसगढ़ पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज का रिएक्शन टालमटोल वाला रहा. सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर दीप बैज बोले, ”सुप्रीम कोर्ट ने अभी फैसला दिया है, आगे केंद्र सरकार को देखना है, कानून उनको बनाना है. हम भी देखेंगे”.
MP भाजपा का बयान: प्रलोभन देकर धर्मांतरण रुकेगा
वहीं, मध्य प्रदेश भाजपा ने भी सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय का स्वागत किया. भाजपा के प्रवक्ता बोले, प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराने का काम होता है. उसे रोकने में सर्वोच्च न्यायालय का यह निर्णय महत्वपूर्ण साबित होगा. यह निर्णय न्यायिक इतिहास में एक बड़ा उदाहरण साबित होगा.
MP कांग्रेस ने की तारीफ, कहा- एससी-एसटी वर्ग को मिलेगा फायदा
धर्मपरिवर्तन को लेकर सुप्रीम के कोर्ट के फैसले का मध्य प्रदेश कांग्रेस भी स्वागत किया. प्रदेश के पूर्व कानून मंत्री पीसी शर्मा ने कहा, ”भाजपा धर्म परिवर्तन और लव जिहाद को रोकने की सिर्फ बातें करती है. रोक नहीं पाई. सुप्रीम कोर्ट ने जो निर्णय लिया है वह स्वागत योग्य है. यह आदेश जबरन धर्म परिवर्तन को रोकने में कारगर सिद्ध होगा. इसका लाभ एससी वर्ग के लोगों को मिलेगा.”