बीच में छिन सकती है रहाणे की गद्दी, रिंकू बन सकते है कप्तान

बीच में छिन सकती है रहाणे की गद्दी, रिंकू बन सकते है कप्तान


नई दिल्ली. आईपीएल जैसे हाई-प्रेशर और हाई-ऑक्टेन टूर्नामेंट में कप्तानी सिर्फ एक भूमिका नहीं, बल्कि पूरी टीम की दिशा तय करने वाला सबसे अहम पहलू होती है. कोलकाता नाइटराइडर्स ने (KKR) ने जैसे ही आईपीएल 2026 की तैयारियां शुरू कीं, सबसे बड़ा सवाल कप्तानी को लेकर ही खड़ा हो गया. क्या अंजिक्य रहाणे इस टीम के लिए सही कप्तान हैं, खासकर तब जब टी20 उनका सबसे मजबूत फॉर्मेट नहीं माना जाता? या फिर रिंकू सिंह जैसे युवा और फिनिशर खिलाड़ी को यह जिम्मेदारी दी जानी चाहिए थी? यही बहस इस सीजन KKR की कहानी का अहम हिस्सा बन सकती है.

कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए आईपीएल 2026 की शुरुआत के साथ ही कप्तानी चर्चा का केंद्र बन गई है. यह बात साफ है कि अंजिक्य रहाने एक अनुभवी और शांत स्वभाव के लीडर हैं, लेकिन सवाल यह है कि क्या वह टी20 जैसे तेज-तर्रार फॉर्मेट में टीम को आगे ले जा सकते हैं.

रहाणे को रण जीतने के बनाने होंगे रन

रहाणे के लिए यह सीजन इसलिए भी अहम है क्योंकि उनकी कप्तानी काफी हद तक उनकी बल्लेबाजी पर निर्भर करेगी अगर वह रन बनाते हैं, तो एक लीडर के तौर पर भी उनका प्रभाव बढ़ेगा लेकिन अगर बल्ला खामोश रहा, तो कप्तानी का दबाव उन पर हावी हो सकता है.  हालांकि, रहाणे का कप्तानी रिकॉर्ड शानदार रहा है। टीम इंडिया के साथ 2020-21 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जीत उनकी लीडरशिप का सबसे बड़ा उदाहरण है लेकिन टी20 क्रिकेट में उनकी भूमिका हमेशा सवालों के घेरे में रही है. रहाणे ने हाल के समय में अपने खेल में सुधार जरूर किया है और 2025 में उनका स्ट्राइक रेट 141 के आसपास रहा, जो सम्मानजनक है लेकिन मौजूदा टी20 क्रिकेट में जहां 190-200 का स्कोर सामान्य माना जाता है, वहां क्या यह पर्याप्त है? यह एक बड़ा सवाल है.

रिंकू सिंह को बना सकते थे कप्तान 

हाल ही में हुए एक कॉन्क्लेव में आकाश चोपड़ा ने एक दिलचस्प सुझाव दिया था उनका मानना था कि रिंकू सिंह को कप्तानी दी जा सकती थी. रिंकू टीम के स्थायी सदस्य हैं और उन्होंने यूपी लीग में कप्तानी का अनुभव भी हासिल किया है. ऐसे में उन्हें एक लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट के तौर पर देखा जा सकता था. जब राजस्थान रॉल्स  नेरियान पराग  को और चेन्नई सुपरकिंग्स रितुराज गायकवाड़ को कप्तानी सौंपी, तो KKR भी ऐसा कदम उठा सकता था.

अंजिक्य नहीं ते पहली पसंद

अगर नीलामी पर नजर डालें, तो एक और सवाल खड़ा होता है. KKR ने रहाणे को पहली ही मौके पर नहीं खरीदा था यहां तक कि एक्सेलरेटेड राउंड के पहले चरण में भी उन्होंने रहाणे पर बोली नहीं लगाई. आखिर में जाकर टीम ने उन्हें खरीदा इससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि शायद उन्हें कप्तान बनाना एक ‘आफ्टरथॉट’ रहा हो, जब टीम के पास ज्यादा विकल्प नहीं बचे थे.  इसके अलावा, उनकी बल्लेबाजी पोजीशन भी चर्चा का विषय है. क्या वह ट्रेविस हेड, फिल सॉल्ट, यशस्जैवी जायसवाल से आक्रामक ओपनर्स की तरह तेजी से रन बना सकते हैं? जब दूसरी टीमें अभिषेक शर्मा, रोहित शर्मा और वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ियों के साथ तेज शुरुआत कर रही हैं, तो क्या रहाणे अपने खेल में बदलाव ला पाएंगे?

पिच से तालमेल जरूरी 

इसके अलावा, उन्हें एक और महत्वपूर्ण पहलू पर ध्यान देना होगा पिच को लेकर अनावश्यक विवाद से बचना. उन्हें क्यूरेटर सुजन मुखर्जी के साथ तालमेल बनाकर रखना होगा, ताकि ध्यान सिर्फ खेल पर रहे. टीम के लिए वरुण चक्रवर्ती का फॉर्म में रहना भी बेहद जरूरी है, क्योंकि उनकी स्पिन गेंदबाजी KKR की ताकत है. अंत में सवाल यही है क्या रहाणे को कप्तान बनाना एक जोखिम है या मास्टरस्ट्रोक? इसका जवाब वक्त ही देगा.  लेकिन इतना तय है कि अगर रहाणे बल्ले से कमाल कर पाते हैं, तो वह इस फैसले को सही साबित कर सकते हैं, वरना यह दांव KKR पर भारी भी पड़ सकता है.



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