रीवा में शिक्षक संगठनों के संयुक्त मोर्चा ने TET (शिक्षक पात्रता परीक्षा) को अनिवार्य किए जाने के विरोध में मुख्यमंत्री के नाम कलेक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपा। 2 मार्च 2026 को आयुक्त लोक शिक्षण द्वारा जारी आदेश के बाद शिक्षकों में नाराजगी है। शिक्षकों का कहना है कि 25-30 साल से नौकरी कर रहे और सेवानिवृत्ति के करीब पहुंचे शिक्षकों के लिए TET अनिवार्य करना गलत है। उनका कहना है कि यह परीक्षा नई भर्ती के लिए होती है, न कि पुराने शिक्षकों पर लागू करने के लिए। परीक्षा के आधार पर नौकरी से न हटाने की मांग
शिक्षकों ने कहा कि सेवा के आखिरी समय में इस तरह की शर्त लगाने से उनके भविष्य को लेकर डर और असुरक्षा बढ़ रही है, जिसका असर पढ़ाई पर भी पड़ सकता है। ज्ञापन में मांग की गई कि 2009 के पहले नियुक्त शिक्षकों को TET से छूट दी जाए। साथ ही बिना किसी गलती के शिक्षकों को सिर्फ परीक्षा के आधार पर नौकरी से न हटाया जाए। शिक्षकों ने मुख्यमंत्री से इस फैसले पर जल्द विचार करने और जरूरत पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका लगाने की मांग की। इस दौरान कई शिक्षक संगठन और बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे।
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