बहुत कम ऐसा होता है, जब गर्मी में किसी बांध के गेट खोले जाए। पर जरूरत पड़ने पर ऐसा किया जाता है। जबलपुर के बरगी बांध के गेट को मार्च के माह में खोला गया। वजह यह कि रेलवे को पानी की अधिक जरूरत है, लिहाजा राज्य सरकार की सहमति के बाद मंगलवार को बरगी बांध के तीन गेट खोले गए हैं। हालांकि पानी छोड़ने से बांध के निचले स्तर पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। बरगी बांध प्रबंधन के मुताबिक रेलवे की जरूरतों को देखते हुए मंगलवार की रात 9 बजे रानी अवंति बाई लोधी सागर परियोजना बरगी बांध के इक्कीस में से तीन गेट औसतन 0.33 मीटर तक खोल दिए गए हैं। इन गेटों में गेट नंबर 11 को 50 सेंटीमीटर तथा गेट नंबर10 और 12 को 25-25 सेंटीमीटर की ऊंचाई तक खोला गया है। बरगी बांध के कार्यपालन यंत्री राजेश सिंह ने बताया कि बरगी बांध स्थित जल विद्युत उत्पादन इकाइयों को मेंटेनेंस के लिये बंद किए जाने की वजह से नर्मदा नदी में पानी का प्रवाह कम हो गया था, जिसके चलते रेलवे की जलापूर्ति बाधित हो गई थी। कार्यापालन यंत्री के मुताबिक बरगी बांध के खोले गये तीनों गेटों से 112 क्यूमेक पानी की निकासी की जाएगी, ताकि रेलवे के दारोगाघाट स्थित पंप हाउस तक पर्याप्त पानी पहुँच सके। गेटों से पानी छोड़ने से बांध के निचले क्षेत्र में स्थित घाटों के जल स्तर पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। इससे पहले जून 2025 में भी बरगी बांध के तीन गेट खोले गए थे। प्रबंधन का कहना था कि जबलपुर जिला प्रशासन की ओर से एक रिक्वेस्ट आई थी, जिसके बाद नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने बांध के गेट खोलने का फैसला किया। बरगी बांध के फिलहाल 3 गेट खोले गए हैं, इन्हें लगभग 1 मीटर तक खोला गया है।
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