उज्जैन. हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व माना गया है, जो सालभर में 24 बार आता है और हर माह दो बार रखा जाता है. सभी एकादशी भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने का श्रेष्ठ अवसर मानी जाती हैं. चैत्र माह को अत्यंत पवित्र माना जाता है और इसी माह की पहली एकादशी को कामदा एकादशी कहा जाता है, जो हिंदू नववर्ष की शुरुआत के साथ जुड़ी होती है. उज्जैन के आचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार, इस दिन व्रत और विधि-विधान से पूजा करने पर व्यक्ति को जाने-अनजाने में किए गए पापों से मुक्ति मिलती है. साथ ही जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का आगमन होता है. यह व्रत विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी माना गया है, जो आर्थिक संकट, करियर की बाधाओं या पारिवारिक समस्याओं से जूझ रहे हैं. कामदा एकादशी के दिन किए गए उपाय जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक साबित हो सकते हैं.
हिंदू पंचांग की गणना अनुसार, चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत 28 मार्च को सुबह 8 बजकर 45 मिनट पर होगी. वहीं इसका समापन 29 मार्च को सुबह 7 बजकर 46 मिनट पर होगा. ऐसे में 29 मार्च को कामदा एकादशी मनाई जाएगी.
सुख-समृद्धि और सफलता के लिए उपाय
1. बहुत प्रयास के बाद भी अगर आप कर्ज से परेशान हैं, तो इस शुभ दिन पीपल के पेड़ की विधि-विधान से पूजा करें और उसकी जड़ में जल चढ़ाएं. मान्यता है कि इससे आर्थिक संकट दूर होता है और कर्ज से राहत मिलने लगती है.
2. कामदा एकादशी के पावन दिन भगवान श्रीराम और माता सीता की विधिपूर्वक संयुक्त पूजा करना बेहद फलदायी माना जाता है. इससे दांपत्य जीवन में प्रेम बढ़ता है, रिश्तों में मधुरता आती है और समाज में मान-सम्मान भी बढ़ता है.
3. कामदा एकादशी पर विशेष भोग का महत्व बताया गया है. पूजन में भगवान श्रीहरि को 11 केले, 11 लड्डू और लाल पुष्प अर्पित करें. साथ ही तांबे के पात्र में जल, गंगाजल और 11 लाल मिर्च के बीज मिलाकर सूर्यदेव को अर्घ्य दें, जिससे आत्मबल, तेज और आर्थिक स्थिति में सुधार होता है.
4. कामदा एकादशी पर करियर और नौकरी में उन्नति के लिए खास उपाय करें. कलश में जौ भरकर आम के पत्ते रखें. ऊपर दीप जलाएं. भगवान विष्णु-लक्ष्मी को 11 फल-फूल अर्पित कर सफलता की प्रार्थना करें.
5. कामदा एकादशी की संध्या पर तुलसी के पौधे के समक्ष शुद्ध गाय के घी का दीपक जलाएं और श्रद्धा से परिक्रमा करें. इस उपाय से घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है. साथ ही सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है.