Last Updated:
Most matches on a single ground: टेस्ट क्रिकेट के 149 साल के इतिहास में कुछ मैदानों ने इबादतगाह का दर्जा हासिल कर लिया है. ‘क्रिकेट का मक्का’ कहे जाने वाले लॉर्ड्स ने 1884 से अब तक रिकॉर्ड 149 टेस्ट मैचों की मेजबानी की है. मेलबर्न (118) और सिडनी (114) जैसे ऐतिहासिक मैदान भी इस जादुई आंकड़े से कोसों दूर हैं. बदलती क्रिकेट रोटेशन पॉलिसी और टी-20 के दौर में क्या लॉर्ड्स का यह ‘अमर’ रिकॉर्ड कभी टूट पाएगा? दुनिया के इन 5 ऐतिहासिक मैदानों पर टेस्ट क्रिकेट का सबसे शानदार सफर तय हुआ है.
दुनिया के इन 5 क्रिकेट ग्राउंड पर सबसे ज्यादा टेस्ट खेले गए हैं.
नई दिल्ली. क्रिकेट की दुनिया में ‘होम ऑफ क्रिकेट’ कहे जाने वाले लॉर्ड्स से लेकर मेलबर्न के विशालकाय स्टेडियम तक, कुछ ऐसे मैदान हैं जिनकी घास और मिट्टी में इस खेल की आत्मा बसती है. टेस्ट क्रिकेट, जिसे खेल का सबसे शुद्ध प्रारूप माना जाता है, पिछले 150 सालों में कई पड़ावों से गुजरा है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि दुनिया के वे कौन से मैदान हैं जहां सबसे ज्यादा बार सफेद जर्सी में खिलाड़ियों ने अपनी किस्मत आजमाई है. दुनिया के 5 ग्राउंड ऐसे हैं जहां टेस्ट मैचों का ‘शतक’ लग चुका है. इस लिस्ट में में सबसे ऊपर नाम आता है लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड का. 1884 में अपना पहला टेस्ट आयोजित करने वाले इस मैदान पर 2025 तक कुल 149 टेस्ट मैच खेले जा चुके हैं. यह सिर्फ एक स्टेडियम नहीं, बल्कि एक म्यूजियम है. यहां की ‘ऑनर्स बोर्ड’ पर अपना नाम लिखवाना हर क्रिकेटर का सपना होता है. लॉर्ड्स ने क्रिकेट के बदलते स्वरूप को सबसे करीब से देखा है और आज यह 150 मैचों के ऐतिहासिक आंकड़े को छूने की दहलीज पर खड़ा है.
ऑस्ट्रेलिया का मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) जहां 1877 में दुनिया का सबसे पहला आधिकारिक टेस्ट मैच खेला गया था. 2025 तक यहां 118 टेस्ट मैच खेले जा चुके हैं. अपनी विशाल क्षमता और ‘बॉक्सिंग डे टेस्ट’ की परंपरा के लिए मशहूर यह मैदान क्रिकेट जगत के सबसे प्रतिष्ठित वेन्यू में से एक है. लॉर्ड्स के बाद यह दूसरा ऐसा ग्राउंड है जिसने 100 से अधिक टेस्ट मैचों की मेजबानी की है.
सिडनी क्रिकेट ग्राउंड स्पिनर्स का मददगार
ऑस्ट्रेलिया का ही एक और प्रतिष्ठित मैदान सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (SCG) है. एससीजी इस लिस्ट में तीसरे स्थान पर है. 1882 से 2026 के बीच यहां 114 टेस्ट मैच आयोजित किए गए हैं. सिडनी का यह मैदान अक्सर सीरीज के निर्णायक मैचों का गवाह रहा है और ऑस्ट्रेलियाई धरती पर होने के बावजूद इसे स्पिन गेंदबाजों के लिए स्वर्ग माना जाता है.
जहां खत्म होता है सफर
लंदन का केनिंगटन ओवल (The Kia Oval) वह मैदान है जहां अक्सर इंग्लैंड के समर सीजन का आखिरी टेस्ट खेला जाता है. 1880 में इसकी शुरुआत हुई थी और 2025 तक यहां 108 टेस्ट मैच हो चुके हैं. एशेज सीरीज के कई ऐतिहासिक अंत इसी मैदान पर हुए हैं, जो इसे ब्रिटिश क्रिकेट संस्कृति का एक अभिन्न हिस्सा बनाते हैं.
बारिश और रोमांच मैनचेस्टर ओल्ड ट्रैफर्ड का मैदान
मैनचेस्टर का ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान अपनी अनिश्चित मौसमी परिस्थितियों और जीवंत पिच के लिए जाना जाता है.1884 से 2025 के बीच यहां 86 टेस्ट मैच खेले गए हैं. हालांकि यह अभी 100 के आंकड़े से थोड़ा दूर है, लेकिन इसकी ऐतिहासिक प्रासंगिकता इसे दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण मैदानों में शुमार करती है.
क्या कभी टूट पाएगा लॉर्ड्स का 149 मैचों का रिकॉर्ड
यह एक ऐसा सवाल है जो आंकड़ों के जादूगरों को भी सोचने पर मजबूर कर देता है. लॉर्ड्स के रिकॉर्ड को टूटना लगभग नामुमकिन सा लगता है, और इसके पीछे कई ठोस कारण हैं. इंग्लैंड में हर साल दो अलग-अलग सीरीज खेली जाती हैं, और लॉर्ड्स लगभग हर सीरीज में कम से कम एक टेस्ट की मेजबानी करता है. दुनिया के किसी भी अन्य देश (जैसे भारत या ऑस्ट्रेलिया) में एक ही मैदान को साल में दो टेस्ट नहीं मिलते. ईसीबी (इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड) हमेशा लॉर्ड्स को अपनी पहली पसंद रखता है. वहीं ऑस्ट्रेलिया में मैचों को पर्थ, ब्रिस्बेन और एडिलेड जैसे शहरों में रोटेट किया जाता है. टी-20 क्रिकेट के बढ़ते चलन के कारण अब टेस्ट मैचों की संख्या साल-दर-साल कम हो रही है. ऐसे में किसी नए मैदान के लिए 150 के आंकड़े तक पहुंचना दशकों का काम है.
About the Author
करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें