केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा 14 मार्च को सीहोर में दिशा समिति की बैठक में अवैध उत्खनन का मुद्दा उठाने के बाद राज्य सरकार ने सख्ती दिखाते हुए नर्मदापुरम में कार्रवाई के लिए भोपाल से 5 सदस्यीय विशेष टीम भेजी है। मंगलवार शाम को उप संचालक स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में पहुंची इस टीम ने रायपुर खदान से रेत चोरी करते एक ट्रैक्टर-ट्रॉली और मोहासा औद्योगिक क्षेत्र में बिना रॉयल्टी सिविल वर्क कर रही 2 कंपनियों की 2 जेसीबी जब्त की हैं। टीम अगले 7 दिनों के भीतर नर्मदापुरम, सीहोर और विदिशा जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण नेटवर्क की गहराई से जांच कर विस्तृत रिपोर्ट मुख्यालय को सौंपेगी, जिससे रेत माफियाओं में हड़कंप मच गया है। शिवराज ने 14 मार्च को दी थी पेन ड्राइव बता दें कि पूर्व सीएम और वर्तमान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 14 मार्च को सीहोर में अधिकारियों को फटकार लगाते हुए अवैध उत्खनन का मुद्दा उठाया था। उन्होंने अवैध उत्खनन के वीडियो वाली पेन ड्राइव कलेक्टर सहित सीएम हाउस में सौंपी थी। जिसके बाद प्रदेश सरकार ने नेटवर्क को तोड़ने के लिए बड़ा फैसला लेते हुए जांच की जिम्मेदारी स्थानीय माइनिंग अधिकारियों से हटाकर दूसरे जिलों के वरिष्ठ अधिकारियों की विशेष टीम को दी है। रायपुर खदान में टीम को देख भागे ड्राइवर-मजदूर भोपाल से आई 5 सदस्यीय टीम ने मंगलवार शाम को नर्मदापुरम की रायपुर खदान में छापा मारा। यहां से रेत चोरी करते एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को पकड़ा गया। हालांकि, रेत चोर इतने शातिर थे कि टीम को देखते ही मजदूर और ड्राइवर गाड़ी छोड़कर मौके से भाग निकले। इसके अलावा बनखेड़ी में भी पिपरिया एसडीएम (IAS) आकिब खान के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई करते हुए एक डंपर पकड़ा है। ट्रैक्टर को टीम ने माखननगर थाने में खड़ा कराया है। मोहासा में बिना रॉयल्टी काम कर रहीं 2 जेसीबी जब्त टीम ने मोहासा औद्योगिक क्षेत्र पहुंचकर भी सिविल वर्क कर रही कम्पनियों की रेत, मिट्टी, गिट्टी की रॉयल्टी और अनुमतियां जांचीं। इंसुलेशन ग्रीन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड (प्लाट नंबर 4) पर नीतिका इंटरप्राइजेस और लैंडमिल रिन्युवल प्राइवेट लिमिटेड के प्लाट पर केपिटल कंस्ट्रक्शन इंदौर द्वारा भंडारित रेत से सिविल वर्क किया जा रहा था। जिला खनिज अधिकारी देवेश मरकाम ने बताया, “मोहासा से दो जेसीबी को पकड़ा है। जहां भंडारित रेत को उठाने का कार्य हो रहा था। रेत की रॉयल्टी के बारे में पूछा, जो उन्होंने दिखाई नहीं। इसलिए दोनों जेसीबी को थाने में खड़े कराया है।” 15 से ज्यादा कंपनियों का काम जारी मोहासा औद्योगिक क्षेत्र में 15 से ज्यादा कंपनियों के प्लांट और बिल्डिंग बनाने के लिए सिविल वर्क जारी है, जहां बिना रॉयल्टी बड़े स्तर पर रेत, मिट्टी और गिट्टी की खपत हो रही है। कुछ संगठित माफिया मिट्टी और रेत का परिवहन कर रहे हैं। पिछले दिनों दैनिक भास्कर ने मिट्टी के अवैध उत्खनन की खबरें भी प्रकाशित की थीं। जिसमें बताया गया था कि फेस वन के प्लाट नम्बर 18 से माफिया 12,319 घन मीटर और फेस टू से भी मिट्टी खोद ले गए। इसके अलावा परमेशु बायोटेक और कैंपा कोला से भी बिना अनुमति मिट्टी का परिवहन करते डंपर पकड़े गए थे, लेकिन अफसर मिट्टी चुराने वालों को नहीं ढूंढ पाए। भोपाल और नर्मदापुरम के ये अधिकारी टीम में शामिल खनिज संचालनालय भोपाल की इस टीम द्वारा की गई कार्रवाई से मोहासा में सन्नाटा पसरा हुआ है। टीम में भोपाल के उप संचालक सोहन बघेल के नेतृत्व में मुख्य खनिज अधिकारी धनराज काटूलकर, सहायक खनिज अधिकारी मुकेश सिंह और चेन सिंह डामोर शामिल हैं। इनके साथ स्थानीय स्तर पर जिला खनिज अधिकारी देवेश मरकाम और निरीक्षक केके परस्ते भी कार्रवाई करने पहुंचे थे।
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