मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। मंच पर चूक कर बैठे महानआर्यमन सिंधिया
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के बेटे और मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष महानआर्यमन सिंधिया से एक चूक हो गई। उन्होंने शहीद दिवस पर श्रद्धांजलि की जगह शुभकामनाएं दे डालीं। महानआर्यमन सिंधिया अशोक नगर जिले के मुंगावली में अर्जुन कप क्रिकेट टूर्नामेंट के शुभारंभ के लिए पहुंचे थे। इस मौके पर उन्होंने कहा- भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु दिवस पर सबको शुभकामनाएं, हमारे पूरे परिवार को शुभकामनाएं। उन्होंने टूर्नामेंट के शुभारंभ के दौरान क्रिकेट भी खेला। चौके-छक्के लगाए। मतलब मैदान पर परफेक्ट शॉट खेले, लेकिन जब मंच पर आए तो गलती कर गए। अब लोग कह रहे हैं कि शहीद दिवस पर उनका शुभकामनाएं देना ‘स्लिप ऑफ टंग’ हो सकता है। लेकिन ये सियासी पिच है साहब, यहां संभलकर खेलना पड़ता है। नहीं तो विपक्ष ऐसे मौके लपकने के लिए तैयार बैठा रहता है। हालांकि, महानआर्यमन ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने राजनीति को लेकर कहा कि उनका यहां आने का उद्देश्य कोई राजनीतिक दिलचस्पी नहीं है, बल्कि यह एक पारिवारिक और प्रेम का रिश्ता है। उन्होंने कहा कि उनकी दिलचस्पी प्रगति, विकास और लोगों के लिए एक मंच बनाने में है। कांग्रेस का प्रदर्शन: ऊंट को जीरा खिलाया
ऊंट के मुंह में जीरा.. आपने ये कहावत सुनी होगी। मंदसौर में कांग्रेस ने इसी तर्ज पर अनोखा प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं ने ऊंट को जीरा खिलाया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भाजपा ने चुनाव में वादा किया था कि किसानों का गेहूं 2700 रुपए प्रति क्विंटल की कीमत पर खरीदा जाएगा, लेकिन सरकार बनने के बाद यह वादा नहीं निभाया गया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सरकार ने किसानों को प्रति क्विंटल 40 रुपए बोनस देने की बात कही, जो ऊंट के मुंह में जीरा जैसा है। कांग्रेस के मुताबिक, यह एक सांकेतिक प्रदर्शन है, जो सरकार को जगाने के लिए किया गया। वैसे खरी बात ये है कि कांग्रेस के इस प्रदर्शन ने राह चलते लोगों का ध्यान तो खींचा, लेकिन जिनके लिए ये प्रदर्शन किया गया था- मतलब किसान, वे गिनती के ही नजर आए। आगे मंत्री का श्रमदान, पीछे जेसीबी से काम
जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत सीहोर जिले के गुंजारी नर्मदा संगम घाट पर पहुंचे मंत्री प्रहलाद पटेल अलग ही अंदाज में नजर आए। उन्होंने हाथ में फावड़ा उठाकर श्रमदान किया और जमकर पसीना बहाया। मंत्री के इस श्रमदान का दृश्य सामने आते ही सवाल भी उठने लगे। लोग पूछ रहे हैं कि ये कैसा श्रमदान है, आगे-आगे मंत्री फावड़ा लेकर काम कर रहे हैं, जबकि पीछे जेसीबी मशीन से काम किया जा रहा है। कई लोग इसे महज फोटोशूट भी बता रहे हैं। हालांकि, मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि जो लोग श्रम कर रहे हैं, उनकी मदद करके ही बेहतर परिणाम लाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि केवल जाकर फोटो खिंचवाकर लौट आना सही नहीं है, और वे हमेशा इस बात के विरोधी रहे हैं। मंत्री की जगह उनके बेटे को बनाया चीफ गेस्ट
हमारा मध्य प्रदेश वाकई गजब है। ऐसा इसलिए कहना पड़ रहा है, क्योंकि भिंड में प्रशासन ने कुछ ऐसा ही कारनामा कर दिखाया है। हुआ यूं कि भिंड जिले के मेहगांव में ‘संकल्प से समाधान’ शिविर का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि मंत्री राकेश शुक्ला को आना था, लेकिन वे नहीं पहुंचे। इसके बाद प्रशासन ने उनके बेटे आलोक शुक्ला को ही चीफ गेस्ट बनाकर मंच पर बैठा दिया। आलोक शुक्ला किसी भी निर्वाचित पद पर नहीं हैं, इसके बावजूद उन्होंने मंच से हितग्राहियों को सरकारी योजनाओं के प्रमाण-पत्र बांटे। इतना ही नहीं, सरकारी प्रेस रिलीज में उन्हें जनप्रतिनिधि भी बताया गया। अब इस मामले में कांग्रेस ने ऐतराज जताया है। कांग्रेस का कहना है कि मंत्री के बेटे को मुख्य अतिथि बनाकर अधिकारियों ने कार्यक्रम की परंपरा और नियमों का उल्लंघन किया है। सभी अधिकारी मंत्री को खुश करने में लगे हैं। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया है कि प्रशासन मंत्री के बेटे की राजनीतिक लॉन्चिंग कर रहा है। इनपुट सहयोग – संजीव यादव (अशोक नगर), शादाब चौधरी (मंदसौर), पवन दीक्षित (भिंड), महेंद्र ठाकुर (सीहोर) ये भी पढ़ें –
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