स्कॉटलैंड में ग्वालियर के छात्र की मौत: मां बोली- बेटा आत्महत्या नहीं कर सकता…हत्या हुई; 18 दिन से इकलौते बेटे का इंतजार – Gwalior News

स्कॉटलैंड में ग्वालियर के छात्र की मौत:  मां बोली- बेटा आत्महत्या नहीं कर सकता…हत्या हुई; 18 दिन से इकलौते बेटे का इंतजार – Gwalior News




ग्वालियर-भिंड के एक किसान परिवार के बेटे की स्कॉटलैंड में मौत हो गई है। यूनिवर्सिटी ऑफ स्टर्लिंग में एमएससी (फॉरेंसिक साइंस) की वह पढ़ाई कर रहा था। मृतक की पहचान संस्कार श्रीवास्तव (21) के रूप में हुई है। स्कॉटलैंड में बताया गया है कि उसने सुसाइड किया है, लेकिन परिवार मानने को तैयार नहीं था। छात्र टॉप कर रहा था और पार्ट टाइम जॉब से लगभग एक लाख रुपए कमा रहा था तो वह यह कदम क्यों उठाएगा। मौत से पहले आखिरी वीडियो कॉल छात्र ने अपनी मां को किया था। तब कहा था कि वह जल्द आएगा। पर मां को यह नहीं पता था कि वह कभी नहीं आएगा। मां का कहना है कि उसका बेटा आत्महत्या नहीं कर सकता। वहां उसकी हत्या की गई है। कर्ज लेकर पढ़ने भेजा था मूल रूप से भिंड के मौ कस्बा निवासी किसान कुलदीप श्रीवास्तव ने इकलौते बेटे संस्कार श्रीवास्तव के लिए लगभग 40 लाख रुपए कर्ज लिया था। कर्ज लेकर जिस बेटे को पढ़ने विदेश भेजा था। 7 मार्च को उसकी मौत की खबर ने पूरे परिवार को तोड़ दिया है। मां को तो बेटे की मौत के बारे 10-12 दिन बाद बताया। अब 17 दिन बीत जाने के बाद भी मां-पिता की पथराई आंखें बेटे के पार्थिव शरीर का इंतजार कर रही हैं। मामला संदिग्ध, दोबारा पोस्टमार्टम की मांग पिता कुलदीप आंखों के रोग के कारण कम देख पाते हैं। उन्होंने ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान और भारत सरकार से गुहार लगाई है कि बेटे का शव जल्द से जल्द भारत लाया जाए। जानकारी के मुताबिक, संस्कार का शव 27 मार्च को दिल्ली एयरपोर्ट पहुंच सकता है। परिजन की मांग है कि ग्वालियर के जेएएच (जयारोग्य अस्पताल) में शव का वापस पोस्टमार्टम कराया जाए ताकि मौत की असली वजह सामने आ सके। पूरे परिवार को यकीन है कि संस्कान सुसाइड जैसा आत्मघाती कदम नहीं उठा सकता है। मौत लग रही संदिग्ध… परिजनों के 5 बड़े सवाल? संस्कार की मां नीलम और चाचा अनूप श्रीवास्तव को बेटे की मौत संदिग्ध लग रही है, इसलिए मामले में गहन जांच की मांग की है। उन्होंने पुलिस और प्रशासन के सामने कुछ गंभीर सवाल रखे हैं। आखिरी वीडियो कॉल… अगले साल घर आऊंगा मां
पिता कुलदीप ने रुंधी आवाज में बताया, 5 मार्च (होली) की रात संस्कार ने पूरे परिवार से करीब 2 घंटे वीडियो कॉल पर बात की थी। वह बहुत खुश था। उसने मां नीलम से वादा किया कि पढ़ाई पूरी कर अगले साल वह घर लौटेगा। दो दिन तक जब उसका फोन नहीं आया तो हमें चिंता हुई, क्योंकि वह अपनी मां से रोज बात करता था। उन्होंने यह बात जर्मनी में रहने वाले रिश्तेदार गौरव को बताई। उन्होंने स्कॉटलैंड यूनिवर्सिटी से संपर्क किया। पहले जवाब आया संस्कार से बात कराते हैं। इसके बाद पुलिस ने कॉल कर पूछा आप संस्कार के कौन है? उन्होंने कहा कि चाचा लगते हैं। पुलिस ने बताया, संस्कार ने सुसाइड कर लिया है और माता-पिता का फोन नंबर लिया। इसके बाद 7 मार्च को यूनिवर्सिटी और भारतीय दूतावास से फोन आया कि संस्कार ने कॉलेज परिसर के पीछे सुसाइड कर लिया है। चाचा ने कहा-पढ़ने में तेज था संस्कार
चाचा अनूप ने कहा कि संस्कार न केवल पढ़ाई में तेज था, बल्कि जिम्मेदार भी था। ग्वालियर के एमएलबी कॉलेज से ग्रेजुएशन करने के बाद वह पीजी के लिए स्कॉटलैंड गया था। वहां वह पढ़ाई के साथ पार्ट-टाइम जॉब भी कर रहा था। उसे महीने के करीब 90 हजार से एक लाख रुपए मिलते थे। वह कहता था-मैं कमाने लगा हूं, घर पर पैसे की जरूरत हो तो भेज दूंगा। हमने उससे कहा कि बेटा पढ़ाई पर ध्यान दो, यहां कोई दिक्कत नहीं है। मां बोली-मेरे बेटे की हत्या की गई है दैनिक भास्कर से बात करते हुए संस्कार की मां फूट-फूटकर रो पड़ीं। उनका कहना है कि उनका बेटा बुझदिल नहीं था, जो सुसाइड करेगा। उससे वहां सब जलते थे। इसलिए उसकी हत्या कर दी है। उसे किसी बात की कमी नहीं थी। मेरा बेटा स्कॉटलैंड वालों ने मुझसे छीन लिया है।



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