बालाघाट में रामनवमी पर्व के समापन पर निकली शाेभायात्रा: बैगा संस्कृति और उज्जैन के डमरू दल ने मोहा मन; ‘जय श्रीराम’ के जयघोष गूंजे – Balaghat (Madhya Pradesh) News

बालाघाट में रामनवमी पर्व के समापन पर निकली शाेभायात्रा:  बैगा संस्कृति और उज्जैन के डमरू दल ने मोहा मन; ‘जय श्रीराम’ के जयघोष गूंजे – Balaghat (Madhya Pradesh) News




बालाघाट में छह दिवसीय रामनवमी महोत्सव का गुरुवार को समापन प्रभु श्रीराम की शोभायात्रा के साथ हुआ। पुराना श्रीराम मंदिर ट्रस्ट और विश्व हिंदू परिषद के तत्वावधान में आयोजित इस धार्मिक आयोजन में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरी इस यात्रा ने पूरे शहर को भक्तिमय और उत्सव के माहौल में सराबोर कर दिया। सुसज्जित रथ पर विराजे राम-लक्ष्मण शोभायात्रा का शुभारंभ पुराने श्रीराम मंदिर से हुआ, जहां एक आकर्षक रथ पर भगवान श्रीराम, भ्राता लक्ष्मण और भक्त शिरोमणि हनुमान जी विराजमान थे। भक्तजन रामलला की पालकी को अपने कंधों पर उठाकर ‘जय श्रीराम’ के जयकारों के साथ आगे बढ़े। पूरी यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर रहा। उज्जैन का डमरू दल और बैगा संस्कृति की झांकियां दिखीं इस वर्ष शोभायात्रा में सांस्कृतिक विविधता का अद्भुत प्रदर्शन किया गया। मुख्य आकर्षणों में उज्जैन का प्रसिद्ध डमरू दल और राजनांदगांव की चलित झांकियां शामिल रहीं। विशेष रूप से बालाघाट जिले की बैगा जनजाति की संस्कृति और सभ्यता को प्रदर्शित करने वाली झांकियों ने दर्शकों का ध्यान खींचा। इसके अलावा राम स्वयंवर और विभिन्न देवी-देवताओं के सजीव स्वरूपों ने वातावरण को दिव्य बना दिया। प्रमुख चौराहों पर हुई आतिशबाजी शोभायात्रा पुराने श्रीराम मंदिर से शुरू होकर काली पुतली चौक, राजघाट चौक, महावीर चौक, नया सराफा और हनुमान चौक जैसे प्रमुख मार्गों से होते हुए आंबेडकर चौक पहुंची। यात्रा का समापन काली पुतली चौक स्थित हनुमान मंदिर पर हुआ, जहाँ भक्तों को महाप्रसाद वितरित किया गया। शोभायात्रा के स्वागत में शहर के विभिन्न चौराहों पर भव्य आतिशबाजी भी की गई। देखें आयोजन की तस्वीरें..



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