‘हम VIP हैं, लाइन में नहीं लग सकते’, IPL के टिकट को लेकर भिड़ गए माननीय

‘हम VIP हैं, लाइन में नहीं लग सकते’, IPL के टिकट को लेकर भिड़ गए माननीय


बेंगलुरु. देश में पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव और आईपीएल के रोमांच के बीच कर्नाटक की विधानसभा में एक अनोखा और हैरान कर देने वाला मुद्दा गूंजा. राज्य के विधायकों ने चिन्नास्वामी स्टेडियम में होने वाले मैचों के लिए ‘वीआईपी सम्मान’ और ‘प्रीमियम टिकटों’ की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया है. विधायकों का कहना है कि वे आम जनता के साथ लाइन में लगकर मैच नहीं देख सकते और क्रिकेट एसोसिएशन (KSCA) उन्हें वह सम्मान नहीं दे रहा है, जिसके वे हकदार हैं. इस मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए विधानसभा अध्यक्ष यूटी खादर ने सरकार को निर्देश दिया है कि प्रत्येक विधायक को मैच के दिन कम से कम चार वीआईपी स्टैंड के टिकट सुनिश्चित किए जाएं.

विपक्ष के नेता आर. अशोक ने बेंगलुरु विकास पर चर्चा के दौरान इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि सरकार ने केएससीए को 16.32 एकड़ जमीन महज 1,600 रुपये मासिक किराए पर दी है. उन्होंने आरोप लगाया, ‘वे हजारों करोड़ रुपये कमा रहे हैं, लेकिन एक टिकट के लिए हमें उनके आगे गिड़गिड़ाना पड़ता है. जब वे टिकट देते भी हैं, तो उसकी कीमत 20,000 रुपये तक वसूलते हैं. हमें उन्हें सबक सिखाना होगा.’

अशोक ने यह भी सवाल उठाया कि क्रिकेट के लिए मिली अनुमति के बीच एसोसिएशन के पास शराब का लाइसेंस क्यों है? उन्होंने सुझाव दिया कि अगर सरकार नियमों को कड़ा करें, तो वे अपने आप लाइन पर आ जाएंगे.

‘हम वीआईपी हैं, लाइन में नहीं लग सकते’

कांग्रेस विधायक विजयानंद कशप्पनवर ने विधायकों के लिए एक अलग ‘लाउंज’ की मांग करते हुए कहा, ‘हमारे बच्चों और परिवार की भी क्रिकेट देखने की इच्छा होती है. वे हमें एक टिकट देकर नीचे कहीं बिठा देते हैं. क्या विधायकों के लिए कोई सम्मान नहीं है?’ उन्होंने आगामी 28 मार्च को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच होने वाले मैच के लिए तुरंत टिकटों का इंतजाम करने की मांग की. कशप्पनवर ने मीडिया से बातचीत में यहां तक कह दिया, ‘हम वीआईपी हैं और आम जनता की तरह लंबी कतारों में खड़े नहीं हो सकते. पिछली बार हमें जनता के साथ गैलरी में भेज दिया गया था, जो दोबारा नहीं होना चाहिए.’

भाजपा विधायक अभय पाटिल ने आरोप लगाया कि स्टेडियम के टिकट ब्लैक में बेचे जा रहे हैं.

टिकटों की कालाबाजारी का आरोप

भाजपा विधायक अभय पाटिल ने आरोप लगाया कि स्टेडियम के टिकट ब्लैक में बेचे जा रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘वे टिकटों को ब्लैक में बेचते हैं, लेकिन विधायकों को पैसे देने पर भी टिकट नहीं मिलते.’ स्पीकर यूटी खादर ने विधायकों की शिकायतों से सहमति जताते हुए कहा कि सरकार को इसे गंभीरता से लेना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘वर्तमान में वे साधारण टिकट देते हैं जहां सुरक्षाकर्मी भी विधायकों को नहीं पहचानते और सम्मान नहीं देते. इसीलिए ज्यादातर विधायक मैच देखने जाने से कतराते हैं.’

उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने इस मामले में दखल देते हुए कहा कि वह केएससीए अध्यक्ष वेंकटेश प्रसाद से इस बारे में बात करेंगे. शिवकुमार ने कहा, ‘विधायकों का टिकट मांगना गलत नहीं है, उन्हें कुछ सुविधाएं तो मिलनी ही चाहिए.’ इस बहस ने एक बार फिर जनता के बीच चर्चा छेड़ दी है कि क्या जनप्रतिनिधियों की प्राथमिकता क्रिकेट टिकट और वीआईपी ट्रीटमेंट होनी चाहिए, जबकि राज्य के सामने अन्य कई गंभीर मुद्दे लंबित हैं.



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