उज्जैन के अस्पताल में दिनदहाड़े चोरी, मुंह ताकता रहा स्टाफ, हाथ पर हाथ धरे बैठा प्रशासन?

उज्जैन के अस्पताल में दिनदहाड़े चोरी, मुंह ताकता रहा स्टाफ, हाथ पर हाथ धरे बैठा प्रशासन?


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Ujjain News: उज्जैन जिले के नागदा तहसील के सरकारी अस्पताल में दिनदहाड़े चोरी की वारदात हुई है और इससे शहर में हड़कंप मच गया है. सबसे ज्यादा ज्यादा हैरानी की बात ये है कि आरोपियों पर अब तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई. अब इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

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उज्जैन के अस्पताल में दिनदहाड़े चोरी

Ujjain News: उज्जैन जिले के नागदा स्थित शासकीय अस्पताल में एक ऐसी चोरी हुई, जहां चोरों को ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ी और स्टाफ खड़ा उन्हें सामान ले जाते हुए देखता रहा. बताया जा रहा है कि दोपहर करीब 3 से चार बजे के बीच दो युवक अस्पताल के कंप्यूटर कक्ष में पहुंचे थे. इसके बाद वह स्टाफ के सामने ही सीपीयू यूनिट उठाकर ले गए. अब यह पूरी घटना अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है.

सूत्रों के अनुसार फुटेज में एक अन्य युवक भी नजर आ रहा है, जिसकी पहचान कर्नाटक के राज्यपाल थावर चंद गहलोत के पोते मनीष गहलोत के रूप में की गई है. हालांकि इस संबंध में अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. सूत्रों के अनुसार शुरुआत में अस्पताल प्रबंधन ने इस मामले को दबाने की कोशिश की और इसी वजह से उन्होंने कहीं शिकायत नहीं की.

आरोपियों ने कर्मचारी के साथ भी की अभद्रता
सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि एक युवक कंप्यूटर कक्ष से सीपीयू लेकर बाहर निकल रहा है, जबकि उसके साथ एक अन्य युवक भी मौजूद है. हालांकि दोनों की भूमिका को लेकर आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है. इतना ही नहीं, कंप्यूटर कक्ष में मौजूद कर्मचारी के साथ आरोपियों द्वारा अभद्रता और धमकी देने की बात भी सामने आई है.

मामले में बरती जा रही ढिलाई
बाद में जब मामले ने तूल पकड़ा, तो यह सीएमएचओ डॉ. अशोक पटेल तक पहुंचा. इसके बाद उन्होंने FIR दर्ज करने के निर्देश दिए. लेकिन इसके बावजूद अब तक पुलिस में कोई मामला दर्ज नहीं किया गया. बताया जा रहा है कि इस पूरे घटनाक्रम में एक प्रभावशाली राजनीतिक परिवार से जुड़े युवक का नाम सामने आया है. इसी वजह से कार्रवाई में देरी और ढिलाई की बात कही जा रही है.

ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर ने अधियकारियों को नहीं दी सूचना
इस दौरान अस्पताल के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर शिवराज कौशल भी मौके पर मौजूद थे, लेकिन उन्होंने न तो तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी और न ही पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. बताया जा रहा है कि वे इस पूरे मामले में दबाव में हैं.

सीएमएचओ डॉ. अशोक पटेल ने कहा कि मुझे घटना की जानकारी देर से मिली. CCTV फुटेज की जांच कराई जा रही है. दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी.

घटना ने खड़े किए बड़े सवाल
सरकारी अस्पताल से दिनदहाड़े सामान उठाकर ले जाने की यह घटना कई सवाल खड़े करती है. क्या प्रभावशाली लोगों के नाम आने पर कार्रवाई रुक जाती है? अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है?



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