गेंदबाजों के ‘आकाल’ से कैसे निपटेगी विराट की टीम, परेशानी में चैंपियन

गेंदबाजों के ‘आकाल’ से कैसे निपटेगी विराट की टीम, परेशानी में चैंपियन


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गेंदबाजों के ‘आकाल’ से कैसे निपटेगी विराट की टीम, परेशानी में चैंपियन

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RCB के पास हेजलवुड का कोई सीधा विकल्प नहीं है. टीम को मजबूरी में उपलब्ध खिलाड़ियों पर भरोसा करना होगा और उम्मीद करनी होगी कि वे शुरुआती 3-4 मैचों में अच्छा प्रदर्शन करें, जब तक हेजलवुड टीम से नहीं जुड़ जाते.

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आईपीएल 2026 में गेंदबाजों के आकाल से जूझ रही है रॉयल चैलेंजर्स बैंगलुरु

नई दिल्ली. पिछले बार की चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बैंगलुरु (RCB) के लिए IPL 2026 की शुरुआत होने से पहले ही मुश्किलें खड़ी हो गई हैं. पिछले सीजन के स्टार गेंदबाज जोश हेजलवुड शुरुआती मुकाबलों से बाहर हो गए हैं, जिससे टीम की गेंदबाजी आक्रमण को बड़ा झटका लगा है. अब सवाल यह है कि क्या RCB इस कमी को भर पाएगी या शुरुआती मैचों में संघर्ष करना पड़ेगा.

ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड, जो IPL 2025 में RCB के गेंदबाजी आक्रमण की रीढ़ थे, चोट से उबर रहे हैं और IPL 2026 के पहले कुछ मैच नहीं खेल पाएंगे. उन्होंने पिछले सीजन में 12 मैचों में 22 विकेट लेकर टीम के लिए सबसे ज्यादा विकेट झटके थे और 17.54 की औसत से शानदार प्रदर्शन किया था और टीम को ट्रॉफी तक पहुंचाने में अहम रोल निभाया था.

RCB के विकल्प और बढ़ी मुश्किलें

हेजलवुड के अलावा RCB की परेशानी और बढ़ गई है क्योंकि यश दयाल पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो चुके हैं वहीं नुवान तुशारा को फिटनेस टेस्ट पास न करने के कारण श्रीलंका बोर्ड से NOC नहीं मिला है. इन परिस्थितियों में RCB के पास गेंदबाजी विकल्प बेहद सीमित रह गए हैं. यश दयाल की जगह मंगेश यादव को मौका मिल सकता है, लेकिन हेजलवुड की जगह भरना इतना आसान नहीं है.

RCB के पास दो ही विकल्प

जैकब डफी, जिन्हें मिनी ऑक्शन में 2 करोड़ रुपये में खरीदा गया था, हाल ही में टी20 फॉर्मेट में खास प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं. वर्लड कप 2026 में उन्होंने 5 मैचों में सिर्फ 3 विकेट लिए और 15 ओवर में 163 रन लुटाए, जिससे उनका औसत 50 से ज्यादा रहा साथ ही, उन्होंने कभी IPL में खेला भी नहीं है. वहीं राशिख सलाम डार ने IPL 2025 में RCB के लिए सिर्फ 2 मैच खेले, जिसमें उन्होंने 1 विकेट लिया और 36 गेंदों में 70 रन खर्च किए हालांकि स्विंग कराने की उनकी क्षमता उन्हें एक विकल्प बनाती है, लेकिन घरेलू टूर्नामेंट में भी उनका प्रदर्शन खास प्रभावी नहीं रहा.

RCB के सामने बड़ी चुनौती

इन हालात में RCB के पास हेजलवुड का कोई सीधा विकल्प नहीं है. टीम को मजबूरी में उपलब्ध खिलाड़ियों पर भरोसा करना होगा और उम्मीद करनी होगी कि वे शुरुआती 3-4 मैचों में अच्छा प्रदर्शन करें, जब तक हेजलवुड टीम से नहीं जुड़ जाते. IPL 2026 की शुरुआत से पहले ही RCB दबाव में नजर आ रही है हेजलवुड जैसे मैच विनर गेंदबाज की गैरमौजूदगी टीम के लिए बड़ी चुनौती है, और यह देखना दिलचस्प होगा कि टीम इस मुश्किल दौर से कैसे बाहर निकलती है.



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