ट्रांसजेंडर महिलाएं अब महिलाओं के साथ ओलिंपिक नहीं खेल पाएंगी:IOC ने 2028 लॉस एंजिल्स खेलों से लगाया बैन; अब बायोलॉजिकल फीमेल्स ही ले सकेंगी हिस्सा

ट्रांसजेंडर महिलाएं अब महिलाओं के साथ ओलिंपिक नहीं खेल पाएंगी:IOC ने 2028 लॉस एंजिल्स खेलों से लगाया बैन; अब बायोलॉजिकल फीमेल्स ही ले सकेंगी हिस्सा




इंटरनेशनल ओलिंपिक कमेटी (प्) ने बड़ा फैसला लेते हुए कहा है कि 2028 के लॉस एंजिल्स ओलंपिक से ट्रांसजेंडर महिलाएं को अब महिला कैटेगरी के इवेंट्स में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। नई नीति के मुताबिक अब सिर्फ बायोलॉजिकल फीमेल्स’ (वे महिलाएं जो जन्म से ही महिला हैं) को ही महिला कैटेगरी में खेलने की अनुमति होगी। इसके लिए एक बार जीन टेस्ट(SRY जीन स्क्रीनिंग) कराना जरूरी होगा, जिससे लिंग की पुष्टि की जाएगी। यह टेस्ट थूक, गाल का स्वाब या ब्लड सैंपल से किया जा सकता है। वहीं, जो एथलीट जन्म के समय महिला थे लेकिन अब खुद को ट्रांसजेंडर पुरुष (Trans Men) मानते हैं, वे महिला स्पर्धाओं में खेलना जारी रख सकते हैं। क्या था अब तक नियम
अब तक IOC ट्रांसजेंडर महिलाओं को टेस्टोस्टेरोन लेवल कम रखने की शर्त पर खेलने की अनुमति देती थी, या फैसला व्यक्तिगत खेल संघों पर छोड़ दिया जाता था। क्यों लिया गया यह फैसला? पेरिस ओलिंपिक में दो बॉक्सरों की भागीदारी पर उठे थे सवाल पेरिस ओलिंपिक 2024 के दौरान दो महिला बॉक्सरों की भागीदारी को लेकर विवाद सामने आया था। 66 किलोग्राम वर्ग में अल्जीरिया की इमान खलीफ और 57 किलोग्राम वर्ग में ताइवान की लिन यू टिंग के खेलने पर अन्य खिलाड़ियों ने आपत्ति जताई थी।
ताइवानी बॉक्सर लिन यू-टिंग को 2023 में इंटरनेशनल बॉक्सिंग एसोसिएशन (IBA) द्वारा किए गए जेंडर संबंधी जांच में असफल घोषित किया गया था। इसके बावजूद IOC ने उन्हें पेरिस ओलिंपिक में महिला 57 किलोग्राम वर्ग में भाग लेने की अनुमति दी, जहां उन्होंने गोल्ड मेडल जीता। उनकी पात्रता को लेकर कुछ खिलाड़ियों और IBA ने सवाल उठाए थे, हालांकि IOC ने इन प्रक्रियाओं को विश्वसनीय नहीं माना। इसी तरह, इमान खलीफ को भी 2023 में IBA द्वारा जेंडर संबंधी जांच में अयोग्य घोषित किया गया था। IBA ने उन्हें 2023 में दिल्ली में आयोजित महिला विश्व चैंपियनशिप के गोल्ड मेडल मुकाबले में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं दी थी। जेंडर टेस्ट सबसे पहले वर्ल्ड एथलेटिक्स काउंसिल ने अनिवार्य किया था
जेडस टेस्ट को वर्ल्ड वर्ल्ड एथलेटिक्स काउंसिल ने अनिवार्य किया था। पिछले साल SRY जीन टेस्ट लागू किया था। ये नियम 1 सितंबर 2025 से लागू हो गया। वहीं पिछले साल सितंबर में हुए वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में टेस्ट पास करने वाली महिला खिलाड़ियों को ही भाग लेने दिया गया था। एथेटिक्स में दो महिला एथलीटों के जेंडर को लेकर उठा था विवाद DSD एथलीटों पर भी पड़ेगा असर, कास्टर सेमेन्या ने बताया ‘पीछे की ओर कदम’
यह नियम केवल ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों तक सीमित नहीं है, बल्कि उन खिलाड़ियों पर भी लागू होगा जिनके शरीर में ‘डिफरेंस ऑफ सेक्स डेवलपमेंट’ (DSD) की स्थिति है। यानी वे एथलीट जिनके पास सामान्य महिला XX क्रोमोसोम नहीं हैं।
दक्षिण अफ्रीका की दिग्गज धाविका कास्टर सेमेन्या जैसे एथलीट इससे प्रभावित होंगे। सेमेन्या ने इस फैसले की आलोचना करते हुए इसे ‘बहिष्कार का नया नाम’ और ‘पीछे की ओर मुड़ने वाला कदम’ बताया है। सेमेन्या 2012 लंदन ओलिंपिक और 2016 रियो ओलिंपिक में महिलाओं की 800 मीटर दौड़ में गोल्ड मेडल जीता था। साथ ही 2024 पेरिस ओलिंपिक में अल्जीरिया की बॉक्सर इमान खलीफ ने 66 किलो वेट में गोल्ड जीता था। नियम के विरोध की आशंका
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पूरी दुनिया में महिलाओं के खेलों में ट्रांसजेंडर एथलीटों की भागीदारी को लेकर बहस चल रही है। अमेरिका ने भी हाल ही में महिला खेलों में सख्त नियमों को लेकर एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर जारी किया था। हालांकि IOC का कहना है कि यह निष्पक्षता के लिए जरूरी है, लेकिन मानवाधिकार समूहों और एक्टिविस्ट्स की ओर से इस फैसले की आलोचना होने की भी पूरी संभावना है। —————————– इस बार कौन सी टीम जीत सकती है IPL:CSK स्पिनर्स की इकोनॉमी 7.50 से कम, पंजाब खिताब की दावेदार; टीमों का एनालिसिस, पार्ट-1 IPL का 19वां सीजन 28 मार्च से शुरू होगा। 10 टीमों के बीच 74 मैच के बाद विजेता का फैसला होगा। 7 टीमें टाइटल जीत चुकी हैं, वहीं दिल्ली, पंजाब और लखनऊ को पहले खिताब का इंतजार है। पूरी खबर



Source link