लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में सामने आए प्रशासनिक विवाद के बीच हाईकोर्ट ने सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. जी.एल. सोढ़ी के पक्ष में निर्णय दिया है। कोर्ट के आदेश के बाद वे अपने पद पर बने रहेंगे और अब 65 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर सेवानिवृत्त होंगे। गौरतलब है कि विभाग द्वारा डॉ. सोढ़ी को 20 वर्ष की अनिवार्य क्लीनिकल सेवा पूर्ण न करने और 62 वर्ष की आयु पूरी होने के आधार पर शासकीय सेवा से पृथक करने के निर्देश जारी किए गए थे। वरिष्ठ संयुक्त संचालक डॉ. राजू नादरिया द्वारा यह आदेश जारी कर क्षेत्रीय संचालक, इंदौर को अमल के लिए भेजा गया था। विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार डॉ. सोढ़ी की कुल क्लीनिकल सेवा लगभग 17 वर्ष 10 माह पाई गई, जबकि सिविल सर्जन पद के लिए 20 वर्ष की अनिवार्यता बताई गई थी। साथ ही उनकी जन्मतिथि 29 जून 1961 के अनुसार वे 30 जून 2023 को 62 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके थे। इसके बावजूद वे पद पर कार्यरत रहे। बाद में 18 मार्च 2026 को आदेश जारी कर उन्हें उसी तिथि से सेवानिवृत्त माना गया। प्रक्रिया पर उठे सवाल नियुक्ति और पदस्थापना के दौरान सेवा रिकॉर्ड का सत्यापन अनिवार्य होता है। इसके बावजूद सेवा अवधि की कमी और सेवानिवृत्ति आयु को लेकर समय पर कार्रवाई न होना इसे लेकर विभागीय निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठे थे। हाईकोर्ट के ताजा निर्णय के बाद डॉ. जी.एल. सोढ़ी को राहत मिली है और अब वे 65 वर्ष की आयु पूर्ण होने तक अपने पद पर बने रहेंगे।
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