मंडला जिला मुख्यालय में जनसुनवाई के दौरान एक युवक ने सीधे आईएएस अधिकारी बनने की मांग की थी। प्रशासन ने अब उसे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आवश्यक अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई है। यह युवक बिछिया तहसील के ग्राम मांद निवासी अंकित श्रीवास है। अंकित श्रीवास ने जनसुनवाई में बताया था कि वह बीएससी स्नातक है और कई वर्षों से यूपीएससी परीक्षा की तैयारी करना चाहता है। उसने पूर्व में भी 2-3 बार प्रशासन से किताबें उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था। अंकित बोला- किताबों के अभाव में पढ़ाई प्रभावित संसाधनों के अभाव के कारण उसकी पढ़ाई प्रभावित हुई और लगभग 9 वर्ष व्यर्थ हो गए। आर्थिक तंगी के चलते वह इस वर्ष यूपीएससी परीक्षा में शामिल नहीं हो पाया था। युवक की मांग पर कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने सहयोग देने के निर्देश दिए। इन निर्देशों के बाद गुरुवार को शिक्षा विभाग और राजस्व विभाग की एक संयुक्त टीम युवक के घर पहुंची। टीम ने अंकित को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयोगी पुस्तकें प्रदान कीं। आईएएस बनकर मंडला विकास कार्य करना चाहता इस टीम में तहसीलदार अंजनिया अजय श्रीवास्तव, सहायक संचालक शिक्षा विभाग एल.एस. मसराम और एपीसी मुकेश पांडेय शामिल थे। अंकित ने अपनी मंशा व्यक्त करते हुए कहा था कि वह आईएएस बनकर मंडला जिले में रहकर विकास कार्य करना चाहता है। उसका उद्देश्य बेहतर सड़क, स्वास्थ्य सेवाएं और आम लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाना है।
ये खबर भी पढ़े… युवक की मांग, सीधे IAS अधिकारी बनाएं: UPSC की तैयारी के लिए किताबें नहीं मंडला जिला मुख्यालय में मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान एक अजीब मामला सामने आया। बिछिया तहसील के ग्राम मांद से आए एक युवक ने कलेक्टर से मांग की है कि उसे सीधे आईएएस अधिकारी बना दिया जाए। युवक ने अपना नाम अंकित श्रीवास बताया और कहा कि वह बीएससी कर चुका है। पढ़े पूरी खबर…
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