मंदसौर में अंधविश्वास का जाल बिछाकर महिला से मंगलसूत्र लूटा: 81 कदम चलो, बालाजी के दर्शन होंगे” कहकर झांसे में लिया, ढाई तोले का मंगलसूत्र ले गए – Mandsaur News

मंदसौर में अंधविश्वास का जाल बिछाकर महिला से मंगलसूत्र लूटा:  81 कदम चलो, बालाजी के दर्शन होंगे” कहकर झांसे में लिया, ढाई तोले का मंगलसूत्र ले गए – Mandsaur News




मंदसौर शहर में अंधविश्वास के सहारे ठगी और लूट की चौंकाने वाली वारदात सामने आई है। अफीम गोदाम रोड स्थित जनपद पंचायत के सामने बदमाशों ने 60 वर्षीय महिला को झांसे में लेकर उसका करीब ढाई तोले का मंगलसूत्र लूट लिया। आरोपी धार्मिक बातों और चमत्कार का लालच देकर मौके से फरार हो गए। पीड़िता पद्मावती चौहान (60) पत्नी रसिख बिहारी चौहान शुक्रवार को अमलेश्वर महादेव मंदिर से पूजा कर लौट रही थीं। रास्ते में एक अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें रोककर डॉक्टर शीतल शर्मा का पता पूछा। “भाग्यशाली हैं आप” कहकर शुरू किया झांसा महिला द्वारा जानकारी नहीं देने पर आरोपी ने उनसे पानी मांगा। इसी दौरान दूसरे व्यक्ति ने कहा कि वह महिला के हाथों से ही पानी पीना चाहता है क्योंकि वह “भाग्यशाली” हैं। इसके बाद महिला को उनकी समस्याओं और “भाग्य रेखा” के नाम पर भ्रमित किया गया। आरोपियों ने महिला और अपने साथी से पेड़ों के पत्ते मंगवाए और बातचीत के दौरान महिला की पारिवारिक जानकारी जुटा ली। फिर सही जानकारी बताकर उसे चमत्कार का अहसास कराया और विश्वास में ले लिया। “81 कदम चलो, बालाजी के दर्शन होंगे” आरोपियों ने अपने साथी को 81 कदम चलवाकर “दर्शन होने” का नाटक किया। इसके बाद महिला से भी 81 कदम चलने और 11 बार “ओम” का जाप करने को कहा गया, जिससे उसका भरोसा और बढ़ गया। महिला को बताया गया कि उसकी समस्या गले में पहने मंगलसूत्र के कारण है। झांसे में आकर महिला ने मंगलसूत्र उतारकर पूजा के लोटे में डाल दिया। फिर उसे बिना पीछे देखे 81 कदम चलने को कहा गया। जैसे ही महिला आगे बढ़ी, दो मोटरसाइकिल पर सवार अन्य दो आरोपी पहुंचे और लोटा लेकर चारों मौके से फरार हो गए। वापस लौटने पर महिला को ठगी का अहसास हुआ। पुलिस ने दर्ज किया मामला, तलाश जारी घटना के बाद पीड़िता ने परिजनों के साथ थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। साथ ही लोगों से अपील की है कि अजनबियों की बातों में आकर किसी भी प्रकार की वस्तु न सौंपें।



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