दक्षिण पन्ना वनमण्डल के मोहंद्रा वन परिक्षेत्र में नियमित गश्त के दौरान दुर्लभ पक्षी भारतीय धूसर धनेश (Indian Grey Hornbill) और हरियल (Yellow-footed Green Pigeon) देखे गए हैं। यह घटना शुक्रवार को सामने आई। वनरक्षक जगदीश प्रसाद अहिरवार ने इन पक्षियों की तस्वीरें अपने कैमरे में कैद कीं। दक्षिण वन मंडल अधिकारी अनुपम शर्मा ने बताया कि इन पक्षियों का दिखना पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इनकी उपस्थिति क्षेत्र की स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र का संकेत देती है, जहां वृक्ष इन पक्षियों को पर्याप्त भोजन और सुरक्षित आवास प्रदान कर रहे हैं। इसलिए बना धनेश वन निर्माता भारतीय धूसर धनेश (Ocyceros birostris) को ‘वन निर्माता’ (Forest Builder) कहा जाता है। यह बरगद और पीपल जैसे पेड़ों के फल खाकर उनके बीजों को दूर-दूर तक फैलाता है, जिससे वनों के प्राकृतिक विस्तार में मदद मिलती है। हरियल (Treron phoenicopterus) अपनी मधुर सीटी और सामाजिक स्वभाव के लिए जाना जाता है। यह महाराष्ट्र का राजकीय पक्षी भी है और बुंदेलखंड क्षेत्र में इसे ‘हाडर’ के नाम से पुकारा जाता है। अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) ने इन पक्षियों को ‘कम चिंताजनक’ (Least Concern) श्रेणी में रखा है। हालांकि, कीटनाशकों के बढ़ते उपयोग और घटते वन क्षेत्रों के कारण इनका सुरक्षित रहना एक चुनौती बना हुआ है। मोहंद्रा में इनकी उपस्थिति वन विभाग के प्रभावी प्रबंधन और संरक्षण प्रयासों को दर्शाती है। धनेश और हरियल की अन्य तस्वीरें…
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