रिकॉर्ड्स की ‘मशीन’ है बिहार का ये लाल, 15 की उम्र में 15 कीर्तिमान

रिकॉर्ड्स की ‘मशीन’ है बिहार का ये लाल, 15 की उम्र में 15 कीर्तिमान


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Vaibhav Suryavanshi 15 cricket records: भारतीय क्रिकेट के ‘वंडर बॉय’ वैभव सूर्यवंशी 15 साल के हो गए. महज इस छोटी सी उम्र में वैभव ने 15 ऐसे रिकॉर्ड्स अपने नाम किए हैं, जिन्होंने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया हैय. आईपीएल के सबसे युवा खिलाड़ी और शतकवीर बनने से लेकर, ऋषभ पंत और एबी डिविलियर्स जैसे दिग्गजों के सबसे तेज रिकॉर्ड्स तोड़ने तक, वैभव का बल्ला आग उगल रहा है. बिहार का यह लाल आज भारतीय क्रिकेट के अगले ‘सुपरस्टार’ के रूप में उभर चुका है. महज 15 साल की उम्र में वैभव ने वो मुकाम हासिल कर लिया है, जिसे पाने में दिग्गज खिलाड़ियों का पूरा करियर निकल जाता है.

आईपीएल के इतिहास में वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) अपना नाम दर्ज करा चुके हैं. बाएं हाथ के इस लेफ्ट हैंड ओपनर ने सबसे ज्यादा सुर्खियां इंडियन प्रीमियर लीग में बटोरीं, जहां उन्होंने उम्र को महज एक संख्या साबित कर दिया. वैभव की नेटवर्थ में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. उनकी नेटवर्थ लगभग ढाई करोड़ के करीब पहुंच गई है. लगातार क्रिकेट खेलकर वैभव खूब पैसा कमा रहे हैं. वैभव ने आईपीएल से पहले इंडिया अंडर 19 वर्ल्ड कप में खेला.  बाएं हाथ  के बल्लेबाज वैभव अब टीम इंडिया की सीनियर टीम में खेलने की पात्रता हासिल कर चुके हैं. उन्हें इस साल टीम इंडिया में जगह मिल सकती है. 

नवंबर 2024 में जब आईपीएल ऑक्शन हुआ, तो राजस्थान रॉयल्स ने वैभव सूर्यवंशी को 1.10 करोड़ रुपये में खरीदा. उस समय उनकी उम्र महज 13 साल 8 महीने थी, जिससे वे ऑक्शन में बिकने वाले दुनिया के सबसे युवा खिलाड़ी बने.

आईपीएल 2025 में जब वे मैदान पर उतरे, तो 14 साल 23 दिन की उम्र में लीग का मैच खेलने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए. वैभव ने आईपीएल के डेब्यू सीजन में दिखा दिया कि वह लंबी रेस के घोड़े हैं.

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वैभव सूर्यवंशी अपने आईपीएल करियर की पहली ही गेंद पर छक्का जड़कर उन्होंने दिखा दिया कि वे बड़े मंच के खिलाड़ी हैं. वे आईपीएल में छक्का लगाने वाले सबसे कम उम्र के बल्लेबाज हैं.

गुजरात टाइटंस के खिलाफ महज 14 साल 32 दिन की उम्र में वैभव सूर्यवंशी ने शतक जड़ा, जो आईपीएल इतिहास का सबसे कम उम्र में लगाया गया शतक है. वैभव की कहानी किसी मॉडर्न क्रिकेट अकादमी से शुरू नहीं होती. यह ताजपुर की एक छत से शुरू होती है, जहां लॉकडाउन के दौरान वह कभी दीवार के सहारे बल्लेबाजी का अभ्यास करते थे. 2020 में अकेले कवर ड्राइव खेलते हुए उनका एक धुंधला वीडियो ऑनलाइन वायरल हुआ था. 

वैभव ने अपना आईपीएल शतक सिर्फ 35 गेंदों में पूरा किया. यह किसी भी भारतीय द्वारा आईपीएल में सबसे तेज शतक है और क्रिस गेल (30 गेंद) के बाद लीग का दूसरा सबसे तेज शतक. एक पारी में 11 छक्के जड़कर उन्होंने मुरली विजय के रिकॉर्ड की बराबरी की और ऐसा करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने.

वैभव का बल्ला सिर्फ आईपीएल में ही नहीं, बल्कि नीली जर्सी में भी जमकर बोला है. 2026 के अंडर 19 वर्ल्ड कप फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ वैभव ने 175 रनों की मैराथन पारी खेली. यह टूर्नामेंट के फाइनल इतिहास का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है. इसी मैच में उन्होंने महज 80 गेंदों में शतक पूरा किया, जो अंडर 19 वर्ल्ड कप फाइनल का सबसे तेज शतक है.

फाइनल की उस ऐतिहासिक पारी में उन्होंने 15 छक्के लगाए, जो यूथ वनडे (Youth ODI) की एक पारी में सर्वाधिक छक्कों का विश्व रिकॉर्ड है.दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 2026 में उन्होंने सिर्फ 15 गेंदों में अर्धशतक जड़कर ऋषभ पंत (18 गेंद) का यूथ वनडे में सबसे तेज फिफ्टी का रिकॉर्ड तोड़ दिया.

साल 2025 में इंग्लैंड दौरे पर वैभव ने सिर्फ 52 गेंदों में शतक ठोका था, जो यूथ वनडे इतिहास का सबसे तेज शतक है. ऑस्ट्रेलिया अंडर 19 के खिलाफ उन्होंने महज 58 गेंदों में शतक जड़ा, जो भारत के लिए यूथ टेस्ट में सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड है.

वैभव सूर्यवंशी घरेलू क्रिकेट और लिस्ट ए सहित रणजी क्रिकेट में कई कीर्तिमान स्थापित किए. उन्होंने भारत के घरेलू क्रिकेट के कठिन ढांचे में भी वैभव ने अपनी धाक जमाई है. विजय हजारे ट्रॉफी में अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ वैभव ने 14 साल 272 दिन की उम्र में शतक जड़ा। उन्होंने सिर्फ 59 गेंदों में 150 रन पूरे किए और एबी डिविलियर्स (64 गेंद) का सबसे तेज 150 रनों का रिकॉर्ड तोड़ दिया.

वे लिस्ट-ए क्रिकेट में डेब्यू करने वाले सबसे युवा भारतीय हैं. उन्होंने 13 साल 269 दिन की उम्र में यह उपलब्धि हासिल की. वैभव भारत के लिए फर्स्ट क्लास (रणजी ट्रॉफी) में डेब्यू करने वाले दूसरे सबसे कम उम्र के खिलाड़ी हैं. उन्होंने 12 साल 284 दिन की उम्र में बिहार के लिए अपना पहला मैच खेला था.

वैभव सूर्यवंशी के ये 15 रिकॉर्ड्स यह बताने के लिए काफी हैं कि भारतीय क्रिकेट का भविष्य सुरक्षित हाथों में है. 15 साल की उम्र में जहां बच्चे स्कूल की पढ़ाई में व्यस्त होते हैं, वैभव अंतरराष्ट्रीय गेंदबाजों की बखिया उधेड़ रहे हैं.



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