राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने सीहोर जिले के कोठरी में स्थित वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (वीआईटी) द्वारा संचालित विश्वविद्यालय के खिलाफ शुक्रवार को एक प्रकरण दर्ज किया है। यह कार्रवाई विश्वविद्यालय द्वारा ‘वीआईटी भोपाल यूनिवर्सिटी’ नाम से प्रचार करने की शिकायत पर की गई है, जबकि इसका परिसर भोपाल जिले में नहीं है। विश्वविद्यालय का वास्तविक परिसर भोपाल शहर से लगभग 100 किलोमीटर दूर सीहोर जिले की आष्टा तहसील में स्थित है। छात्रों को भ्रमित करने के लिए राजधानी भोपाल के नाम का उपयोग किया जा रहा था। इस संबंध में एनएसयूआई ने मध्य प्रदेश शासन, मध्य प्रदेश निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग और मानवाधिकार आयोग को शिकायत भेजी थी। छात्रों को भ्रमित करने का आरोप
एनएसयूआई ने अपनी शिकायत में बताया कि ‘भोपाल’ नाम के उपयोग से अन्य राज्यों के छात्रों और अभिभावकों में भ्रम की स्थिति पैदा होती है। ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया के दौरान ‘भोपाल’ नाम देखकर कई विद्यार्थी यह मान लेते हैं कि संस्थान भोपाल शहर में है, जिससे बाद में उन्हें असुविधा और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
पूर्व में हिंसक प्रदर्शन हो चुका
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया कि विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही के कारण पूर्व में छात्रों में भारी आक्रोश व्याप्त हुआ था, जिसने हिंसक घटना का रूप ले लिया था। छात्रों ने मूलभूत सुविधाओं की कमी, अव्यवस्था और प्रशासनिक उदासीनता जैसे मुद्दे उठाए थे। इसके अतिरिक्त, विश्वविद्यालय परिसर में कथित अवैध क्लीनिक और अन्य अनियमितताओं के संबंध में भी पहले शिकायतें की जा चुकी हैं, जिन पर अब तक कोई कठोर कार्रवाई नहीं हुई है। इन सभी तथ्यों को गंभीरता से लेते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मामले में केस दर्ज कर लिया है। आयोग ने संबंधित पक्षों से प्रतिवेदन तलब करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह कदम छात्रों के अधिकारों और पारदर्शिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। विश्वविद्यालय का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।
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