नईसराय | कस्बे के पुराना पच बावड़ी मार्ग स्थित झिरिया सरकार हनुमानजी मंदिर प्रांगण में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन भक्ति की सरिता बही। कथा व्यास पंडित मनोज कृष्ण शास्त्री ने भगवान और भक्त के अटूट संबंध का वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। शास्त्री जी ने विदुर-विदुरानी प्रसंग सुनाते हुए बताया कि भगवान केवल प्रेम के भूखे हैं। उन्होंने कहा कि प्रभु ने दुर्योधन के अहंकार भरे 56 प्रकार के व्यंजनों को त्याग दिया, लेकिन विदुरानी के घर जाकर उनके द्वारा अनजाने में खिलाए गए केले के छिलकों को बड़े चाव से ग्रहण किया। संदेश: भगवान को धन या वैभव से नहीं, बल्कि सच्ची श्रद्धा से वश में किया जा सकता है। कथा के दौरान शिव-पार्वती विवाह का प्रसंग सुनाया गया, जिसके बाद भक्तों ने धूमधाम से महादेव की बारात निकाली।1 अप्रैल तक बहेगी ज्ञान की गंगा झिरिया सरकार समिति द्वारा हनुमान जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित यह संगीतमय कथा आगामी 1 अप्रैल तक जारी रहेगी। आयोजन समिति ने क्षेत्र के समस्त धर्मप्रेमी जनता से कथा श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है। झिरिया सरकार मंदिर वर्तमान में समूचे कस्बे के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।
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