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Gardening Tips: पुदीने की अच्छी ग्रोथ के लिए सही मिट्टी चुनना बेहद जरूरी है. मिट्टी हमेशा भुरभुरी और जल निकासी वाली होनी चाहिए, जिससे पानी जमा न हो. इसके लिए बगीचे की मिट्टी में रेत और गोबर की खाद मिलाकर मिश्रण तैयार किया जा सकता है.
सीधी. मध्य प्रदेश में बढ़ती गर्मी के कारण किचन गार्डन के पौधों को बचाना चुनौती बन गया है. खासतौर पर पुदीना इस मौसम में तेजी से प्रभावित हो रहा है. तेज धूप और पानी की कमी से पत्तियां मुरझा रही हैं. ऐसे में सही देखभाल और कुछ आसान देसी उपाय अपनाकर पुदीने को पूरी गर्मी में भी ताजा और घना बनाए रखा जा सकता है. सीधी के गार्डनिंग एक्सपर्ट भाई जान ने लोकल 18 को जानकारी देते हुए बताया कि पुदीना हल्की धूप में बेहतर बढ़ता है लेकिन अप्रैल से जून के बीच जब तापमान 40 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है. तब तेज धूप इसे नुकसान पहुंचाती है, इसलिए पुदीने के पौधे को ऐसी जगह रखना चाहिए, जहां उसे सुबह की 3 से 4 घंटे की हल्की धूप मिले और दोपहर में छांव मिल सके. इससे पत्तियां जलने से बचती हैं और उनकी खुशबू भी बरकरार रहती है.
उन्होंने कहा कि पुदीने की अच्छी ग्रोथ के लिए सही मिट्टी का चुनाव बेहद जरूरी है. मिट्टी हमेशा भुरभुरी और जल निकासी वाली होनी चाहिए ताकि पानी जमा न हो. इसके लिए गार्डन की मिट्टी में रेत और गोबर की खाद मिलाकर मिश्रण तैयार किया जा सकता है. ऐसी मिट्टी में जड़ें आसानी से फैलती हैं और पौधा तेजी से विकसित होता है, जिससे पत्तियां घनी और हरी-भरी बनती हैं. अगर आप चाहते हैं कि पुदीना झाड़ीदार और ज्यादा फैला हुआ हो, तो हर 15 दिन में पिंचिंग करना जरूरी है. इसमें पौधे की टहनियों को हल्का ऊपर से तोड़ दिया जाता है, जिससे नई शाखाएं निकलती हैं. इस प्रक्रिया से पुदीना ज्यादा घना होता है और नई पत्तियां मुलायम और सुगंधित बनती हैं.
न करें केमिकल खाद का उपयोग
गार्डनिंग एक्सपर्ट के अनुसार, पुदीने की पत्तियों का सीधे सेवन किया जाता है, इसलिए इसमें केमिकल खाद का उपयोग नहीं करना चाहिए. इसके बजाय गोबर की खाद, वर्मीकंपोस्ट और घर में बनी जैविक खाद का इस्तेमाल करना बेहतर होता है. इससे पौधा सुरक्षित रहता है और उसकी गुणवत्ता भी बनी रहती है. गर्मियों में खीरे के छिलकों से बनी लिक्विड फर्टिलाइजर पुदीने के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती है. इसे बनाने के लिए खीरे के छिलकों को पानी में 24 घंटे भिगोकर छान लें और पौधे में डालें. यह जड़ों को ठंडक देता है और पौधे की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है.
इस्तेमाल चायपत्ती से मिलेंगे पोषक तत्व
उन्होंने आगे कहा कि इसके अलावा इस्तेमाल की हुई चाय की पत्ती और वर्मीकंपोस्ट भी पुदीने के लिए उपयोगी हैं. ये मिट्टी को पोषक तत्व प्रदान करते हैं और जड़ों को मजबूत बनाते हैं. गर्मियों में नियमित रूप से हल्का पानी देना भी जरूरी है क्योंकि मिट्टी जल्दी सूख जाती है. सही देखभाल से पुदीना पूरी गर्मी में हरा-भरा और खुशबूदार बना रह सकता है.
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राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.