रूपाली गांगुली ने महाकाल के दरबार में झांकी भक्ति की झलक, बोलीं ‘बाबा की कृपा से ही सब कुछ

रूपाली गांगुली ने महाकाल के दरबार में झांकी भक्ति की झलक, बोलीं ‘बाबा की कृपा से ही सब कुछ


Last Updated:

Ujjain News: बाबा महाकाल के दरबार में हर वर्ग के लोग श्रद्धा से शीश नवाते हैं चाहे नेता हों या कलाकार, इसी आस्था के साथ रूपाली गांगुली रविवार सुबह प्रातःकालीन भस्म आरती में शामिल होने पहुंचीं. इस दौरान उन्होंने अपने निजी अनुभव साझा करते हुए कहा कि यहां आकर उन्हें अद्भुत शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है.

TV Actress Rupali Ganguly: धार्मिक नगरी अवंतिका की पवित्र धरती एक बार फिर भक्ति के रंग में रंगी नजर आई, जब प्रसिद्ध टीवी अभिनेत्री रूपाली गांगुली ने भगवान महाकालेश्वर मंदिर के दरबार में भस्म आरती मे दर्शन करने पहुंचीं. मंदिर परिसर में उनके आगमन के साथ ही वातावरण श्रद्धा, शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया. उन्होंने विधि-विधान के साथ पूजन-अर्चन किया और कुछ समय ध्यान लगाकर भगवान महाकाल का स्मरण किया. उनकी उपस्थिति से श्रद्धालुओं में खास उत्साह देखने को मिला और पूरा परिसर “हर हर महादेव” के जयकारों से गूंज उठा.

दर्शन के बाद बोलीं अलग ही ऊर्जा मिलती है
प्रसिद्ध टीवी अभिनेत्री रूपाली गांगुली ने कहा कि महाकाल की नगरी में आकर एक अलग ही ऊर्जा का अनुभव होता है. साथ ही भस्म आरती के दर्शन कर गहरी आस्था व्यक्त की, उन्होंने यह भी कहा कि उनकी हर उपलब्धि महाकाल की कृपा का परिणाम है. वह हर साल यहां आने का प्रयास करती हैं, क्योंकि उनके अनुसार जीवन में भस्म आरती का दर्शन एक अद्भुत और अविस्मरणीय अनुभव है. ऐसे तो यहां हर दो तीन महीने में आती रहती हूं, लेकिन जो भस्म आरती की ऊर्जा है. वह शब्दों के माध्यम से व्यक्त नहीं कर सकती, एक बार सभी को यहां आकर भस्म आरती जरूर देखना चाहिए.

मंदिर समिति ने किया सम्मान
प्रसिद्ध टीवी अभिनेत्री रूपाली गांगुली ने उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में प्रातःकालीन भस्म आरती में शामिल होकर भगवान महाकाल के दर्शन किए. इस दौरान मंदिर की दिव्य और आध्यात्मिक छटा ने उन्हें भाव-विभोर कर दिया. मंदिर प्रबंध समिति की ओर से उप प्रशासक एस.एन. सोनी ने उनका आत्मीय स्वागत और सम्मान किया. अभिनेत्री ने इसे अपने जीवन का बेहद खास और यादगार अनुभव बताया.

किस रूप में हुए बाबा के आज दर्शन 
भगवान महाकाल का त्रिशूल, त्रिपुण्ड और डमरू के साथ श्रृंगार किया गया और भांग अर्पित की गई. हरि ओम का जल चढ़ाने और कपूर आरती के बाद भगवान का श्रृंगार पूर्ण किया गया. इसके बाद ज्योतिर्लिंग को कपड़े से ढांककर भस्म अर्पित की गई. भस्म अर्पण के पश्चात भगवान को शेषनाग का रजत मुकुट, रजत मुण्डमाल, रुद्राक्ष की माला और सुगंधित पुष्पों की माला पहनाई गई. भगवान महाकाल ने मोगरा और गुलाब के फूल धारण किए. फल और मिष्ठान का भोग लगाया गया. भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया. महा निर्वाणी अखाड़े की ओर से भस्म अर्पित की गई. मान्यता है कि भस्म अर्पित होने के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार रूप में दर्शन देते हैं.

About the Author

Deepti Sharma

Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें



Source link