राजगढ़ जिले के खिलचीपुर में सोमवार को नगर परिषद की बैठक उस समय गरमा गई जब पार्षदों ने नगर में विकास कार्य नहीं होने और हुए कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए बजट पास करने से इनकार कर दिया। बैठक में विधायक हजारीलाल दांगी भी मौजूद रहे। दोपहर चार बजे शुरू हुई बैठक में नगर परिषद अध्यक्ष राम जानकी मालाकार, उपाध्यक्ष शीतल शर्मा सहित 15 में से 13 पार्षद उपस्थित रहे। बैठक में दो ही विषय रखे गए थे , नामांतरण प्रकरण और वित्तीय वर्ष 2026-27 का अनुमानित बजट। नामांतरण से जुड़े मामलों को नियम अनुसार सर्वसम्मति से स्वीकृति दे दी गई। 9 पार्षद बोले विकास कार्य नहीं हुए लेकिन जब बजट का मुद्दा आया तो माहौल बदल गया। बैठक में मौजूद 13 में से 9 पार्षदों ने एक स्वर में कहा कि पिछले एक साल में नगर में कोई ठोस विकास कार्य नहीं हुआ है और जो काम हुए हैं उनकी गुणवत्ता भी संतोषजनक नहीं है, ऐसे में बजट पास करने का औचित्य क्या है। पार्षद संदीप शर्मा ने विधायक हजारीलाल दांगी से कहा कि नगर परिषद में सिर्फ बैठकों का दौर चल रहा है, लेकिन जमीन पर काम नजर नहीं आ रहा। उन्होंने कहा कि सीएमओ को आए तीन महीने हो गए हैं, लेकिन सभी 15 वार्डों में बराबर काम शुरू कराने की बात अब तक पूरी नहीं हुई। पार्षद राधा बोलीं-वार्ड में नहीं हो हो रहे वार्ड क्रमांक 7 की पार्षद राधा गुप्ता ने भी अपने वार्ड में काम नहीं होने की बात उठाते हुए नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि अगर नगर में काम ही नहीं हो रहा है तो नगर परिषद कार्यालय पर ताला लगा देना चाहिए। इस पर विधायक हजारीलाल दांगी ने कहा ताला लगा दो, बैठक के दौरान पार्षद संदीप शर्मा ने यह भी सवाल उठाया कि बैठक में सिर्फ दो ही बिंदु क्यों रखे गए। इस पर सीएमओ देव नारायण दांगी ने बताया कि करीब 10 अन्य कार्यों को पीआईसी (परिषद की स्थायी समिति) की बैठक में रखा जाना है, जिसके लिए एक-दो दिन में अलग से बैठक होगी। सभी प्रस्ताव बैठक में रखे जाने चाहिए इस पर पार्षदों ने आपत्ति जताते हुए कहा कि जब परिषद की बैठक हो रही है तो सभी प्रस्ताव इसी बैठक में रखे जाने चाहिए, अलग से पीआईसी बैठक की क्या आवश्यकता है। पार्षदों का कहना था कि परिषद सर्वोच्च है, इसलिए सभी महत्वपूर्ण निर्णय यहीं होने चाहिए। आखिर में 9 पार्षदों ने संयुक्त रूप से एक अस्वीकृति पत्र सीएमओ को सौंप दिया और बजट को मंजूरी देने से साफ इनकार कर दिया। सीएमओ देव नारायण दांगी ने पार्षदों को समझाने का प्रयास करते हुए कहा कि बिना बजट पास हुए नगर के विकास कार्य आगे नहीं बढ़ पाएंगे, लेकिन पार्षद अपने निर्णय पर अड़े रहे और बैठक बिना बजट पारित हुए समाप्त हो गई।
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