Civil Judge Prelims Exam Strategy: हाल ही में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा सिविल जज 2024 का फाइनल रिजल्ट जारी किया है, जिसमें छतरपुर के आयुष चौरसिया ने तीसरा स्थान हासिल किया है. आयुष ने छतरपुर जिले समेत पूरे बुंदेलखंड का नाम रोशन किया है. आयुष बीए-एलएलबी करने के बाद ही सिविल जज की तैयारी में जुट गए थे. सिविल जज प्रीलिम्स परीक्षा की तैयारी कैसे करें, जानें आयुष से…
आयुष लोकल 18 से बातचीत में बताते हैं कि अगर आप सिविल जज बनना चाहते हैं तो आपको प्रीलिम्स, मेंस और इंटरव्यू देना होता है. सिविल जज बनने के लिए प्रीलिम्स परीक्षा में पास होना जरूरी है. आयुष बताते हैं कि आप कोचिंग भी ज्वाइन कर सकते हैं और ऑनलाइन भी पढ़ सकते हैं. मैंने ऑफलाइन पढ़ना ज्यादा प्रिफर किया है.
हर दिन 10 घंटे पढ़ना जरूरी नहीं
आयुष बताते हैं कि प्रीलिम्स क्रैक करने के लिए जरूरी नहीं है कि आप हर दिन 8 से 10 घंटे की पढ़ाई करें. किसी दिन पढ़ाई नहीं कर पाते हैं तो डिप्रेशन में नहीं जाना है. कभी-कभी ऐसा भी होता है कि पढ़ाई नहीं हो पाती है इसलिए डी मोटिवेट नहीं होना है. आप जितना भी पढ़ें पूरी लगन के साथ पढ़ें.
लोकल एक्ट्स भी पूछते हैं.
आयुष बताते हैं कि मैंने एमपी छत्तीसगढ़ सिविल जज परीक्षा पास की है. छत्तीसगढ़ और मप्र के सिविल जज के प्रीलिम्स के सिलेबस में यही अंतर है कि दोनों में राज्य के लोकल एक्ट्स पूछे जाते हैं.
प्रीलिम्स परीक्षा के लिए ‘बेयर एक्ट’ पढ़ें
आयुष बताते हैं कि प्रीलिम्स परीक्षा पास करने के लिए ‘बेयर एक्ट’ पर फोकस ज्यादा करना होता है. आप घर बैठकर ही बेयर एक्ट की बुक पढ़कर सिविल जज प्रीलिम्स परीक्षा पास कर सकते हैं. प्रीलिम्स परीक्षा 100 अंको की होती है. मेरे 88 मार्क्स आए थे. मैंने बेयर एक्ट पर सबसे ज्यादा फोकस किया था.
आयुष बताते हैं कि ‘बेयर एक्ट’ में सारे एक्ट होते हैं. इसमें 14 से 15 सब्जेक्ट रहते हैं. सबके अपने बेयर एक्ट रहते हैं. हर एक लाइन और हर एक शब्द को अच्छे से पढ़ना है. प्रीलिम्स परीक्षा पेपर में यहीं से सबसे ज्यादा पूछा जाता है.
फैक्ट्स भी याद करना जरूरी
आयुष बताते हैं कि प्रीलिम्स परीक्षा में रटना कम समझकर ज्यादा पढ़ना है. हालांकि, कुछ सेक्शन होते हैं जिन्हें याद यानि रटना पड़ता है. फैक्ट्स याद करना जरूरी होता है. बेयर एक्ट” की एक-एक धारा और शब्द को बार-बार पढ़ना जरूरी है.
नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी से शुरू हुआ सफर
आयुष ने अपनी बीए-एलएलब (ऑनर्स) की डिग्री धर्मशास्त्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (DNLU) से पूरी की है. उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय निरंतर अध्ययन, कठिन परिश्रम और माता-पिता के संस्कारों को दिया है. आयुष ने छतरपुर में रहकर ही नर्सरी से 10th क्लास तक ICSE बोर्ड से पढ़ाई की. इसके बाद 12वीं एमपी बोर्ड से की. आयुष ने अपनी पूरी पढ़ाई अंग्रेजी माध्यम से की है.
विधि शिक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन
आयुष ने एलएलबी (ऑनर्स) की डिग्री धर्मशास्त्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी से प्राप्त की . प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए उन्होंने विधि विषयों की गहन समझ, नियमित अभ्यास और समय प्रबंधन को अपनी रणनीति का आधार बनाया. मॉक टेस्ट और पूर्व वर्षों के प्रश्नपत्रों का विश्लेषण उनकी तैयारी का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा.