मध्य प्रदेश के अध्यापक संगठनों ने 29 मार्च को भोपाल के गांधी भवन में एक संयुक्त बैठक की। इस बैठक में सभी प्रदेश अध्यक्षों की सहमति से एक प्रदेश स्तरीय चरणबद्ध आंदोलन पर निर्णय लिया गया। आंदोलन का मुख्य उद्देश्य प्रथम नियुक्ति दिनांक से सेवा गणना और टीईटी (TET) परीक्षा को निरस्त करवाना है। साथ ही, सरकार से सुप्रीम कोर्ट में शिक्षकों का पक्ष रखने की मांग भी की गई है। मोर्चा के सदस्य ठाकुर संतोष सिंह दीक्षित ने बताया कि आंदोलन के तहत 8 अप्रैल को जिला स्तर पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद 11 अप्रैल को ब्लॉक स्तर पर धरना आयोजित कर जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपा जाएगा। अंत में, 18 अप्रैल को भोपाल में एक सामूहिक धरना प्रदर्शन करने पर सहमति बनी है। इस संयुक्त मोर्चे में कई प्रमुख अध्यापक संगठन और उनके पदाधिकारी शामिल हैं। इनमें शिल्पी सिवान (प्रदेश अध्यक्ष, आजाद अध्यापक संघ), मनोहर दुबे (प्रदेश अध्यक्ष, प्रांतीय शिक्षक संघ), जगदीश यादव (प्रदेश अध्यक्ष, राज्य शिक्षक संघ), राकेश दुबे (प्रदेश अध्यक्ष, शासकीय शिक्षक संगठन), भरत पटेल (प्रदेश अध्यक्ष, आजाद अध्यापक शिक्षक संघ), राकेश नायक (प्रदेश अध्यक्ष, राज्य शिक्षक कांग्रेस), शालिगराम चौधरी (प्रदेश अध्यक्ष, राज्य अध्यापक संघ), परमानंद डेहरिया (प्रदेश अध्यक्ष, NMOPS), डीके सिंगोर (प्रदेश अध्यक्ष, ट्रायबल वेलफेयर एसोसिएशन), राकेश पटेल (प्रदेश अध्यक्ष, गुरुजी शिक्षक संघ), रमाशंकर पांडे (प्रदेश अध्यक्ष, नवीन शिक्षक गुरुजी संघ), विनोद राठौर (महासचिव, PMUMS), पवन खरे (कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष, PMUMS), राजिक कुरैशी (प्रदेश अध्यक्ष, मध्यप्रदेश शिक्षक अध्यापक संघ), वीरेंद्र पटेल, भरत भार्गव (प्रदेश अध्यक्ष, अध्यापक अधिकार संघ), महेश भादे (प्रदेश अध्यक्ष, अध्यापक संघर्ष समिति) और राजा भैय्या गुर्जर (प्रदेश अध्यक्ष, क्रांतिकारी जनशिक्षक मोर्चा) प्रमुख हैं। मंडी कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर संतोष सिंह दीक्षित ने भी संयुक्त शिक्षा मोर्चा को अपना सहयोग और समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि वे कर्मचारी हित में शिक्षकों के साथ खड़े हैं।
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