धार की ऐतिहासिक भोजशाला को लेकर चल रहे विवाद में मुस्लिम पक्ष ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। मुस्लिम पक्ष ने इंदौर स्थित मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में 2 अप्रैल को प्रस्तावित सुनवाई से पहले अपना पक्ष सुने जाने की मांग करते हुए एक विशेष आवेदन दायर किया है। मुस्लिम पक्ष का कहना है कि उन्होंने 11 मार्च को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) सर्वे की वीडियोग्राफी उपलब्ध कराने की मांग की थी। हालांकि, 16 मार्च की सुनवाई में इस पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया था, जिसके बाद यह याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई है। दो अप्रैल को हाईकोर्ट में होनी है सुनवाई
इस बीच, 28 मार्च को हाई कोर्ट के जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी ने भोजशाला परिसर का निरीक्षण भी किया था। इस घटनाक्रम ने मामले की संवेदनशीलता को और बढ़ा दिया है। कमल मौलाना वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष अब्दुल समद ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई याचिका 2 अप्रैल को हाई कोर्ट में होने वाली सुनवाई से संबंधित है। उन्होंने पुष्टि की कि यह याचिका वरिष्ठ अधिवक्ताओं और कानूनी सलाहकारों से गहन परामर्श के बाद दाखिल की गई है, जिसमें उनके सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल किया गया है। अब सभी की निगाहें सुप्रीम कोर्ट के रुख और 2 अप्रैल को इंदौर हाई कोर्ट में होने वाली सुनवाई पर टिकी हुई हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सुप्रीम कोर्ट इस याचिका पर क्या निर्णय लेता है और मामले की आगे की सुनवाई किस दिशा में बढ़ती है।
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