इंदौर के लसूड़िया स्थित सागर समृद्धि अपार्टमेंट में हुए हादसे ने एक हंसते-खेलते परिवार को पलभर में उजाड़ दिया। इस घटना का सबसे दर्दनाक पहलू वे मासूम बच्चे हैं, जिन्हें दो दिन तक यह तक नहीं बताया गया कि उनकी मां अब इस दुनिया में नहीं रही।
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पति सौरभ पांडे ने बताया कि घटना के बाद जब बड़े बेटे का खाना खाने के लिए फोन आया तो उन्होंने कहा “मम्मा की तबीयत ठीक नहीं है, दो दिन में आ जाएंगी।” इस पर बेटे ने मासूमियत से जवाब दिया “मम्मा आ जाएंगी तब ही खाना खाऊंगा…”
लेकिन जब दो दिन बाद मां की बॉडी घर पहुंची, तब बच्चों को सच्चाई बताई गई। यह सुनते ही दोनों बच्चे बिलख पड़े। छोटा बेटा अब भी समझ नहीं पा रहा है कि उसकी मां हमेशा के लिए उसे छोड़कर चली गई है।
मां के जन्मदिन पर ‘अच्छा काम’ करना चाहती थी शंपा, उसी दिन सब खत्म
सौरभ के मुताबिक, जिस दिन यह हादसा हुआ, उसी दिन उन्होंने डीबी प्राइड में नया फ्लैट बुक किया था। शंपा ने कहा था “आज मां का जन्मदिन है, कुछ अच्छा काम कर लेते हैं…”। लेकिन उसी दिन परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
AIRBNB गतिविधियों से थे परेशान, छोड़ना चाहते थे फ्लैट
सौरभ ने बताया कि 2013 में शादी के बाद दोनों आईटी सेक्टर में काम कर रहे थे—वे इंफोसिस में और शंपा टीसीएस में। बाद में दोनों ने एक ही कंपनी में साथ काम किया और 2023 में इंदौर आकर स्कीम नंबर 114 में रहने लगे। प्रॉपर्टी सर्च के दौरान उन्होंने ब्रोकर के जरिए इस फ्लैट का वीडियो देखा और विजिट के बाद पसंद आने पर नवंबर 2023 में परिवार के साथ पूजा भी की थी।
उन्हें सोसाइटी के व्हाट्सएप ग्रुप से पता चला था कि बिल्डिंग में AIRBNB के जरिए संदिग्ध गतिविधियां हो रही हैं। इसके चलते वे यहां रहना नहीं चाहते थे।
उन्होंने फ्लैट बेचने या किराए पर देने का मन बना लिया था और नया घर भी तलाश रहे थे। घटना से पहले ही वे ऑनलाइन एड डाल चुके थे।
जिस घर में पूजा की, वहीं से उठी अंतिम विदाई

शंपा इंफोसिस में सॉफ्टेवयर इंजीनियर थीं। साथ में उनके पति सौरभ पांडे।
नवंबर में पूरे परिवार ने इस फ्लैट में पूजा की थी। उसी घर से अब शंपा की अंतिम यात्रा निकली। सौरभ कहते हैं “ऐसा लगा जैसे हमारे परिवार में बम फट गया हो… एक मिनट में सब खत्म हो गया।”
सौरभ ने बताया कि तीन महीने पहले ही शंपा की मां का ब्रेन हेमरेज से निधन हुआ था। परिवार उस सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि अब यह हादसा हो गया।
‘ऐसे लोगों को समाज में रहने का हक नहीं’
सौरभ ने घटना के लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा “एक गंदी मछली ने हमारा सब कुछ बर्बाद कर दिया। ऐसे लोगों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए… इन्हें समाज में रहने का कोई हक नहीं है।”

इसी बिल्डिंग में पेंट हाउस है। विवाद के बाद आरोपी ने कार चढ़ाई।
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इंदौर में पेंटहाउस किराए पर देने के विवाद में एक शख्स ने कार से एक महिला को कुचल दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। मृतक महिला का नाम शंपा पाठक पांडे है। वह इंफोसिस में सॉफ्टेवयर इंजीनियर थीं। 13 मार्च को दो बच्चों और पति के साथ अपने फ्लैट में शिफ्ट हुई थीं।
घटना बुधवार रात 10.30 बजे लसूड़िया थाना क्षेत्र के एमआर-11 स्थित शिव वाटिका टाउनशिप की है। पुलिस ने आरोपी पिता कुलदीप चौधरी और बेटे मोहित चौधरी को गिरफ्तार कर लिया है। रिहाइशी बिल्डिंग में पेंटहाउस चलाने पर विवाद था