उज्जैन बना व्यापार का हब! विक्रम मेले में रिकॉर्डतोड़ बिक्री, ग्वालियर को पीछे छोड़ा

उज्जैन बना व्यापार का हब! विक्रम मेले में रिकॉर्डतोड़ बिक्री, ग्वालियर को पीछे छोड़ा


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Vikram Trade Fair: विक्रम व्यापार मेला का 29 मार्च को समापन हुआ, जहां रिकॉर्ड 41 हजार से ज्यादा वाहन बिके और 200 करोड़ से अधिक राजस्व मिला. उज्जैन में आयोजित इस मेले ने लगातार तीसरे साल नया कीर्तिमान रचा, आम जनता को टैक्स छूट और पूरे मध्यप्रदेश को लाभ मिला.

Vikram Trade Fair: मध्यप्रदेश की पावन नगरी उज्जैन में इस साल विक्रम व्यापार मेला कुछ खास बन गया. 15 फरवरी से शुरू हुआ यह मेला धीरे-धीरे पूरे प्रदेश के लोगों की उम्मीदों का केंद्र बन गया. कोई इंदौर से आया, तो कोई खरगोन से हर कोई अपने सपनों का वाहन लेने यहां पहुंचा. मेले में अलग-अलग शहरों के शोरूम सजे थे, जहां हर ब्रांड की चमक लोगों को आकर्षित कर रही थी. दिन-रात मेहनत करते करीब 40 कर्मचारियों की टीम इस आयोजन को सफल बनाने में जुटी रही. आरटीओ अधिकारी संतोष मालवीय की देखरेख में सब कुछ व्यवस्थित तरीके से चलता रहा.

जैसे-जैसे दिन बीतते गए मेला नए कीर्तिमान बनाता गया. आखिरकार 29 मार्च को जब इसका समापन हुआ, तो आंकड़े चौंकाने वाले थे. 40 हजार से ज्यादा वाहन बिक चुके थे और 200 करोड़ से अधिक का राजस्व शासन को प्राप्त हुआ. लेकिन यह मेला सिर्फ आंकड़ों की कहानी नहीं था, बल्कि यह उन हजारों लोगों की खुशियों की कहानी थी, जो अपने सपनों को साकार करके लौटे. यही कारण है कि उज्जैन का यह व्यापार मेला अब पूरे मध्यप्रदेश के लिए उम्मीद और विश्वास का प्रतीक बन चुका है.

जानिए कब हुईं थी मेले की शुरुआत 
मध्यप्रदेश के मुख्य्मंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में उज्जैन का विक्रम व्यापार मेला हर साल नई कहानी लिख रहा है. कभी 2024 में 22 हजार से ज्यादा वाहनों के साथ शुरुआत हुई, तो 2025 में यह आंकड़ा 36 हजार पार कर गया. लेकिन 2026 में तो जैसे इतिहास ही बन गया. 163 शहरों के शोरूम, 15 फरवरी से 29 मार्च तक चला मेला और 40 हजार से अधिक वाहनों की बिक्री, 206 करोड़ का राजस्व जुटा, जो आगे और बढ़ने वाला है. ये सिर्फ आंकड़े नहीं, बल्कि एक ऐसे मेले की कहानी है जो हर साल अपने ही रिकॉर्ड तोड़कर नई ऊंचाइयों को छू रहा है.

तीन सालो में मेले ने रचा इतिहास 
उज्जैन के प्रसिद्ध व्यापार मेले में इस बार सिर्फ खरीद-बिक्री ही नहीं, बल्कि भरोसे की भी कहानी लिखी गई. आरटीओ अधिकारी संतोष मालवीय बताते हैं कि पिछले तीन वर्षों में यहां 1 लाख 5 हजार से अधिक वाहन बिके, जिससे सरकार को करीब 528 करोड़ का राजस्व मिला. इस बार भी आम लोगों को विशेष छूट दी गई, जिससे पूरे मध्यप्रदेश के लोग लाभान्वित हुए. हालांकि, कुछ लोगों ने नियमों का गलत फायदा उठाने की कोशिश की, लेकिन प्रशासन ने सख्ती से उसे नाकाम कर दिया. गजट नियमों के तहत केवल वही विक्रेता वाहन बेच सके, जिनके पास सभी जरूरी दस्तावेज मौजूद थे. यही इस मेले की सफलता और पारदर्शिता की असली कहानी है.

जानिए कौनसी गाड़ी पर कितनी मिली छूट 
वॉल्वो, डिफेंडर, मर्सडीज, ऑडी, बीएमडब्ल्यू जैसी गाड़िया 1 करोड़ से 3.5 करोड़ तक कि मेले से खरीदी गई. मर्सडीज की सबसे महंगी गाड़ी इसमे हमने दी है 3.5 करोड़ की. वहीं, EV वाहनों में 100 प्रतिशत आरटीओ छूट दी गई थी. 20 लाख से कम कीमत के वाहनों में टैक्स छूट थी. 20 लाख से अधीक में 2 प्रतिशत टैक्स सरकार को मिला और 2 प्रतिशत छूट जनता को दी गई.

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Deepti Sharma

Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें



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