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मध्य प्रदेश के शिक्षा विभाग ने जिलों से दैनिक वेतन भोगी और आकस्मिक कर्मचारियों की जानकारी मांगी है. यह जानकारी इसलिए एकत्र की जा रही है ताकि लंबे समय से काम कर रहे कर्मचारियों के नियमितीकरण पर निर्णय लिया जा सके. जिलों से मिली जानकारी के आधार पर आगे सरकार नियमित करने पर फैसला ले सकती है.
शिक्षा ने दैनिक भोगी कर्मियों की मंगाई जानकारी
रिपोर्ट-रामाकांत दुबे
मध्य प्रदेश में जहां शिक्षक वर्ग एक बड़े आंदोलन की तैयारी करने में लगा हुआ है. क्योंकि TET अनिवार्यता के खिलाफ प्रदेश के कई शिक्षक संगठन एकजुट हो गए हैं. लेकिन अब इससे पहले ही शिक्षा विभाग ने आदेश जारी करके बताया है कि स्थाई कर्मी दैनिक वेतन भोगी जल्द नियमित होंगे. इसके अलावा शिक्षा विभाग में 10 साल की सेवा कर चुके दैनिक वेतन भोगियों को भी नियमित किया जाएगा और इस काम में अब तेजी लाई जाएगी.
जिला शिक्षा अधिकारियों से मंगाई गई जानकारी
मुख्यालय लोक शिक्षण संचनालय ने सभी जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिखकर अतिशीघ्र जानकारी मंगाई गई है. एमपी सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने 16 मई 2007 को आदेश जारी किए थे. आदेश के पालन में शिक्षा विभाग, विभाग में कार्यरत दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को नियमित करने की कार्यवाही कर रहा है.
हजारों दैनिक भोगियों को मिला नियमितीकरण का लाभ
विभाग लगातार 10 साल या उससे अधिक सेवा करने वाले दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को नियमित करने पर विचार किया जा रहा है. इसके लिए विभाग पहले सभी कर्मचारियों का रिकॉर्ड, सेवा अवधि और पद की जानकारी जमा कर रहा है. बाद में कर्मचारियों की स्क्रीनिंग की जाएगी. शिक्षा विभाग में काम कर रहे हजारों दैनिक वेतन भोगियों को नियमितीकरण का लाभ मिलेगा.