अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी एवं प्रबंधन संस्थान में रेखी केंद्र की माइंडफुलनेस एवं वेलबीइंग विषय पर चल रही दो दिवसीय कार्यशाला का समापन सोमवार को हुआ। इसमें डॉ. संधू छेत्री और रेनिता सिन्हा ने युवाओं को जीवन में खुशी और संतुलन बनाए रखने के व्यावहारिक उपाय बताए। उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ और तनावपूर्ण जीवनशैली में मानसिक संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है। खुशी बाहरी साधनों में नहीं, बल्कि व्यक्ति के दृष्टिकोण, संतोष, कृतज्ञता और आत्म-जागरूकता में निहित होती है। छोटी-छोटी बातों में आनंद ढूंढना, वर्तमान में जीना और सकारात्मक सोच रखना ही सच्ची खुशी का आधार है। रेनिता सिन्हा एवं डॉ. तीसरिंग ने प्राणायाम के अभ्यास सत्र कराए, जिससे युवाओं को मानसिक शांति के उपाय सीखने को मिले। इसी क्रम में विशेषज्ञों ने युवाओं के सवालों के जवाब भी दिए। कार्यशाला के समन्वयक प्रो. पंकज श्रीवास्तव एवं डॉ. कपिल कांत रहे।
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