जबलपुर में समोसा अब 15 रुपए का हो गया है।
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण जबलपुर के स्थानीय बाजारों में नाश्ते के सामान महंगे हो गए हैं। हाल के दिनों में गैस और तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से दुकानदारों की उत्पादन लागत बढ़ी है, जिसका असर सीधे उपभोक्ताओं पर पड़ा है।
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दुकानदारों ने बताया कि कमर्शियल गैस की कमी और महंगे ईंधन के कारण उन्हें वैकल्पिक साधनों का उपयोग करना पड़ रहा है, जिससे लागत और समय दोनों बढ़ रहे हैं।
मदन महल स्थित राजस्थान स्वीट्स के संचालक शंभूनाथ अग्रवाल ने बताया कि समोसे का दाम 13 रुपए से बढ़ाकर 15 रुपए करना पड़ा है। वहीं, जलेबी का भाव 240 रुपए प्रति किलो से बढ़कर 300 रुपए प्रति किलो हो गया है।
इंडक्शन उपयोग से उत्पादन क्षमता प्रभावित
अग्रवाल ने बताया कि कमर्शियल गैस की कमी के कारण इंडक्शन स्टोव का उपयोग करना पड़ रहा है। इसकी कम क्षमता के कारण छोटी कड़ाही में बार-बार बैच बनाना पड़ता है, जिससे बिजली खपत और समय दोनों बढ़ते हैं।
कोयले की भट्ठी से कुछ दुकानों पर स्थिर कीमतें
मदन महल के मामा होटल के संचालक सुधीर कुमार राजपूत ने बताया कि वे अभी भी कोयले की भट्ठी का उपयोग कर रहे हैं। इस कारण उनकी लागत में फिलहाल ज्यादा बदलाव नहीं आया है और दाम पुराने स्तर पर ही हैं।
राजपूत ने कहा कि यदि आने वाले समय में कोयला और लकड़ी के दाम बढ़ते हैं, तो उन्हें भी मजबूरी में अपने उत्पादों की कीमतें बढ़ानी पड़ेंगी।
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MP में कमर्शियल सिलेंडर ₹195 महंगा
किल्लत के बीच मध्य प्रदेश में कमर्शियल LPG सिलेंडर 195 रुपए महंगा हो गया है। यह बढ़ोतरी घरेलू सिलेंडर के रेट 60 रुपए बढ़ाने के 25 दिन बाद 1 अप्रैल से की गई है। प्रदेश के 50 हजार से ज्यादा होटल और रेस्टोरेंट को जरूरत का 9% सिलेंडर ही मिल रहा है।
इससे कई होटल-रेस्टोरेंट का मेन्यू बदल गया है। गैस के रेट बढ़ने से खाना भी महंगा होगा। एमपी के 5 बड़े शहरों में भोपाल में 19 Kg कमर्शियल सिलेंडर 2084 रुपए, इंदौर में 2186 रुपए, जबलपुर में 2295 रुपए, ग्वालियर में 2307 रुपए और उज्जैन में 2251 रुपए में मिलेगा। पूरी खबर पढ़ें…