खंडवा में एक तरफ पहाड़ी पर देवी प्रतिमा मिलने पर वहां मंदिर बनाने की बात हो रही है। वहीं दूसरी तरफ मूर्तियां हटाकर मंदिर तोड़ने का मामला सामने आया हैं। एक कारोबारी ने कॉलोनाइजर को जमीन बेचने के बाद वहां स्थित भीलटदेवजी के मंदिर को जेसीबी की मदद से तोड़ दिया हैं। मूर्तियों को गांव के शिव मंदिर में शिफ्ट करा दिया हैं। अब इस घटनाक्रम ने एक विवाद को जन्म दे दिया हैं। मामला शहर के नागचून (वीआईपी) रोड़ स्थित दादाजी नर्सिंग कॉलेज के पास स्थित भीलटदेव मंदिर का हैं। यह मंदिर अब जमीन की बिक्री और कॉलोनी डेवलप में बाधा बनने लगा तो इसे तोड़ दिया गया। तोड़ने की कार्रवाई बुधवार सुबह 7 बजे से की गई। इसे लेकर लोगों में आक्रोश पनप गया। काफी संख्या में लोग वहां विरोध करने पहुंचे लेकिन रसूखदार जमीन मालिक कारोबारी ने ग्रामीणों को धमकी दी। कहा कि, तुमको लगे तो थाने चले जाओ। इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर और सीएसपी अभिनव बारंगे भी मौके पर पहुंचे। जमीनी खरीदी में मंदिर हटाने की शर्त रखी थी दरअसल, सत्तापक्ष से जुड़े कारोबारी श्याम हेमवानी ने अपनी मालकियत की जमीन को बेच दी हैं। उन्होंने यह जमीन किसी मुस्लिम कॉलोनाइजर को बेची हैं। उक्त एरिया भी मुस्लिम बहुल क्षेत्र में आता हैं। जमीन बिक्री के दौरान मंदिर को बाहर सार्वजनिक जगह पर दोबारा बनाया गया लेकिन मंदिर को स्थाई तौर पर हटाने की शर्त रखी गई और खरीददार ने करीब 50 लाख रुपए की राशि रोक ली। जिसके बाद मंदिर को तोड़ने की साजिश रची गई और दूसरी बार में इस साजिश को अंजाम दिया गया। नागचून के शिव मंदिर में शिफ्ट कराई मूर्तियां पक्का चबूतरा नुमा भीलटदेव के मंदिर को तोड़ने से पहले कारोबारी श्याम हेमवानी ने मूर्तियों को शिफ्ट करा दिया। इन मूर्तियों को नागचून गांव के शिव मंदिर में रखा गया है। शिव मंदिर की सेवादार महिलाओं ने बताया कि, इस मंदिर में 3 महीने पहले भी मूर्तियां रखी गई थी। लेकिन कारोबारी ने उन्हें वापस उठा लिया था। अब दोबारा रखी गई हैं, मूर्तियां रखने से पहले ही शिव मंदिर में जगह तैयार कर ली गई थी। किसी की धार्मिक भावनाएं आहत नहीं मौके पर जब तक सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर और सीएसपी अभिनव बारंगे पहुंचे, तब तक मामला शांत हो गया था। विरोध करने वाले लोग भी अपने घर जा चुके थे। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि, फिलहाल किसी भी व्यक्ति या संगठन ने धार्मिक भावना आहत होने के संबंध में शिकायत दर्ज नहीं कराई हैं। शिकायत मिली तो पुलिस के माध्यम से आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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