रानी लक्ष्मीबाई वार्ड के गौर नदी क्षेत्र में जिला प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकारी भूमि पर बनाई जा रही मस्जिद के अवैध हिस्से को ढहा दिया है। स्थानीय ग्रामीणों ने शिकायत की थी कि सरकारी जमीन और सार्वजनिक रास्ते पर कब्जा कर निर्माण कार्य किया जा रहा है, जिससे नदी तक जाने वाला रास्ता बंद हो गया था। राजस्व विभाग की जांच और पटवारी द्वारा किए गए सीमांकन में यह सामने आया कि खसरा नंबर 137 की सरकारी जमीन पर अतिक्रमण किया गया था। जहां सिर्फ 450 वर्ग फीट निजी भूमि थी, वहां 1500 वर्ग फीट में अवैध रूप से मस्जिद का विस्तार और निर्माण किया जा रहा था। इस अवैध निर्माण के कारण ‘रज्जाक डेरी’ से होकर गौर नदी तक जाने वाला पुराना रास्ता पूरी तरह बंद हो गया था। जमीन मूल रूप से दुबे परिवार की थी प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए उस ढांचे को जमींदोज कर दिया, जिसने रास्ता रोका था, जिससे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। संयुक्त तहसीलदार, क्षेत्रीय पटवारी और पुलिस चौकी प्रभारी के नेतृत्व में भारी पुलिस बल की मौजूदगी में इस अतिक्रमण को हटाया गया। जिला प्रशासन के अनुसार, यह जमीन मूल रूप से दुबे परिवार की थी। वारिस के लापता होने का फायदा उठाकर कुछ लोग यहां अवैध धार्मिक निर्माण और विस्तार कर रहे थे। अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि आस्था की आड़ में सरकारी जमीन पर कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में इस भूमि पर फिर से अतिक्रमण की कोशिश करने वालों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Source link