नरसिंहपुर में गड्ढों भरे हाईवे पर टोल दरें बढ़ीं: आज से लागू हुईं नई दरें; वाहन चालकों पर बढ़ा आर्थिक बोझ – Narsinghpur News

नरसिंहपुर में गड्ढों भरे हाईवे पर टोल दरें बढ़ीं:  आज से लागू हुईं नई दरें; वाहन चालकों पर बढ़ा आर्थिक बोझ – Narsinghpur News




नरसिंहपुर जिले में राष्ट्रीय राजमार्गों की खराब स्थिति के बावजूद आज बुधवार से टोल दरों में बढ़ोतरी लागू हो गई है। इससे वाहन चालकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा, क्योंकि उन्हें जर्जर सड़कों पर यात्रा के लिए अब अधिक भुगतान करना होगा। टोल नाकों पर नई दरों के बोर्ड लगा दिए गए हैं। जिले से गुजरने वाले प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों में नरसिंहपुर-सागर (एनएच-44), नरसिंहपुर-छिंदवाड़ा (एनएच-547) और जबलपुर-भोपाल (एनएच-45) शामिल हैं। इनमें से जबलपुर-भोपाल मार्ग की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है, लेकिन नरसिंहपुर-सागर और नरसिंहपुर-छिंदवाड़ा मार्ग लंबे समय से खस्ताहाल हैं। इन सड़कों पर जगह-जगह गड्ढों के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। नई टोल दरों से सभी वाहन चालकों पर बोझ नई दरों के अनुसार, कार, जीप और वैन के लिए एकल यात्रा का शुल्क 160 रुपए और वापसी यात्रा का शुल्क 245 रुपए निर्धारित किया गया है। हल्के वाणिज्यिक वाहनों और मिनी बसों के लिए यह दर एकल यात्रा हेतु 260 रुपए और वापसी यात्रा हेतु 395 रुपए होगी। बस और दो धुरी वाले ट्रकों के लिए एकल यात्रा 550 रुपए और वापसी यात्रा 825 रुपए तय की गई है। तीन धुरी वाले वाहनों के लिए 600/900 रुपएऔर भारी मशीनरी और बड़े वाहनों के लिए यह दर 860 से 1570 रुपए तक पहुंच गई है। मासिक पास महंगा, लोकल वाहनों का खर्च बढ़ा मासिक पास की दरों में भी वृद्धि हुई है। कार चालकों को अब लगभग 5405 रुपए और बड़े वाहनों को 34,915 रुपए तक का भुगतान करना होगा। प्रतिदिन आने-जाने वाले कार चालकों का मासिक खर्च लगभग 7350 रुपए तक पहुंच जाएगा, जबकि बस-ट्रक संचालकों को प्रति माह लगभग 24,750 रुपए खर्च करने होंगे। स्थानीय 20 किलोमीटर के दायरे में चलने वाले वाणिज्यिक वाहनों के लिए भी शुल्क 80 रुपए से बढ़ाकर 525 रुपए कर दिया गया है। इससे छोटे व्यापारियों और परिवहन व्यवसायियों की परिचालन लागत में सीधा इजाफा होगा। खराब सड़कों पर टोल बढ़ोतरी, लोगों ने जताया विरोध बढ़ी हुई टोल दरों से जहां आम लोगों और व्यापारियों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा, वहीं खराब सड़कों की समस्या जस की तस बनी हुई है। ऐसे में लोगों का कहना है कि जब सड़कें ही सुरक्षित और सुगम नहीं हैं, तो बढ़ा हुआ टोल टैक्स देना पूरी तरह अनुचित है। वाहन चालकों ने प्रशासन से मांग की है कि पहले सड़कों की मरम्मत और सुधार कार्य कराया जाए, उसके बाद ही टोल दरों में बढ़ोतरी की जाए।



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