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मध्य प्रदेश में कांग्रेस के कई बार गुटों में बने रहने की खबरें सामने आती रहती हैं. इसकी एक बानगी मंडला में देखने को मिली, जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक तरफ तो विरोध प्रदर्शन किया. वहीं दूसरी तरफ राज्यपाल के मंच पर कांग्रेस विधायक नारायण सिंह पट्टा नजर आए.
राज्यपाल के मंच पर नजर आए कांग्रेस विधायक
Mandla News: मंडला में मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई और छगूभाई पटेल के आगमन के दौरान एक दोहरा चेहरा नजर आया. जहां एक तरफ कांग्रेस कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने जा रहे थे और लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस के ही बिछिया से विधायक नारायण सिंह पट्टा राज्यपाल के कार्यक्रम में मंच साझा करते आए नजर आए. इससे कांग्रेस के ही किसी कार्यक्रम को लेकर बने प्लान पर सवाल खड़े हो रहे हैं.
विरोध करने जा रहे कांग्रेसियों को मंडला कोतवाली पुलिस ने जिला कार्यालय के बाहर ही बैरिकेडिंग कर रोका दिया, जब तक राज्यपाल का कार्यक्रम चला, तब तक उन्हें नजरबंद किया गया. पुलिस ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष समेत कार्यकर्ताओं को भी कथित तौर पर नजरबंद किया. कांग्रेस ने जिले में अव्यवस्थाओं के खिलाफ आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी.
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने दी ये सफाई
मंडला के कांग्रेस जिलाध्यक्ष अशोक मर्सकोले ने कहा कि देखिए ये कांग्रेस का संगठन है. पूरे जिले में अव्यवस्थाएं फैल रही हैं. वह एक जनप्रतिनिधि होने के नाते मंच पर मौजूद रहे, क्योंकि उन्हीं के क्षेत्र में ही राज्यपाल महोदय आए थे. अब विरोध प्रदर्शन के बारे में उन्होंने राज्यपाल से बात की या नहीं की. प्रशासनिक आदेश के लिए हमें नजरबंद रखा गया. मंडला जनता की हित की आवाज को दबाने की कोशिश की गई. यह बहुत ही ज्यादा निंदनीय है.
राज्यपाल के मंच पर नजर आए नारायण सिंह पट्टा मध्य प्रदेश में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं. वह बिछिया से तीन बार विधायक रह चुके हैं और जमीन से जुड़े हुए नेता माने जाते हैं. साल 2023 में जब बीजेपी भारी भरकम बहुमत के सत्ता में वापस आई थी, तब भी वह अपनी सीट बचाने में सफल रहे थे.