शहडोल जिला जेल में बुधवार सुबह एक कैदी ने खुद को गंभीर रूप से घायल कर लिया। उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के अगले ही दिन कैदी ने यह आत्मघाती कदम उठाया, जिससे जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। इसकी जानकारी देर शाम मिली। जानकारी के मुताबिक, कैदी का नाम पंकज कटारे है। उसे हाल ही में दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के एक मामले में कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी। फैसले के बाद से ही वह काफी परेशान चल रहा था। बुधवार सुबह जब जेल का स्टाफ बैरक में चेकिंग के लिए पहुंचा, तो पंकज घायल हालत में मिला और उसके गले से खून बह रहा था। नुकीली चीज से गले पर किया वार शुरुआती जांच में पता चला है कि पंकज ने किसी नुकीली धातु की चीज से अपने गले पर वार किया था। जेल के सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत उसे संभाला और जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टर ने समय रहते उसके गले में टांके लगाए, जिससे उसकी जान बच गई। फिलहाल उसकी हालत स्थिर है और वह खतरे से बाहर बताया जा रहा है। अकेलेपन और तनाव की वजह से उठाया कदम जेल प्रशासन का कहना है कि पंकज लंबे समय से मानसिक तनाव में था। उससे मिलने के लिए परिवार का कोई सदस्य नहीं आता था और उसके पास कानूनी मदद की भी कमी थी। इसी अकेलेपन और भारी सजा के डर से वह डिप्रेशन में चला गया था। जेल की सुरक्षा और काउंसलिंग पर जोर इस घटना के बाद जेल में निगरानी और कड़ी कर दी गई है। जानकारों का मानना है कि जिन कैदियों को गंभीर मामलों में बड़ी सजा मिलती है, उनकी समय-समय पर काउंसलिंग और मानसिक जांच बहुत जरूरी है, ताकि वे ऐसे कदम न उठाएं। प्रशासन अब कैदियों के मानसिक स्वास्थ्य पर ज्यादा ध्यान देने की बात कह रहा है।
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