1.5 करोड़ के आश्रय भवन में ‘खटमलों का राज’! छात्रों का खून चूस रहे कीड़े

1.5 करोड़ के आश्रय भवन में ‘खटमलों का राज’! छात्रों का खून चूस रहे कीड़े


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Satna News: सतना के नगर निगम आश्रय केंद्रों में खटमलों का आतंक सामने आया है. यहां रुकने वाले मुसाफिर और छात्र गंभीर संक्रमण का शिकार हो रहे हैं. करोड़ों की लागत से बने इन सेंटरों में साफ-सफाई की भारी कमी पाई गई है. डॉक्टरों ने स्किन टाइफस जैसी बीमारियों के खतरे की चेतावनी दी है. अब यह मामला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है.

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Satna News Today: सतना नगर निगम द्वारा बनाए गए आश्रय भवन इन दिनों सुर्खियों में हैं, लेकिन वजह चौंकाने वाली है. गरीबों और मुसाफिरों के लिए बनाए गए इन सेंटरों में अब खटमलों का आतंक फैल गया है. करीब डेढ़ करोड़ रुपए खर्च कर बनाए गए ये आश्रय केंद्र अब लोगों के लिए राहत की जगह परेशानी बन गए हैं.

खटमलों ने कर दिया बुरा हाल
धबारी, जिला अस्पताल और बस स्टैंड पर बने इन आश्रय केंद्रों में लाखों की संख्या में खटमल फैल चुके हैं. यहां रुकने वाले लोगों का कहना है कि रातभर खटमल खून चूसते हैं, जिससे शरीर पर सूजन, लाल चकत्ते और फफोले हो जाते हैं.

छात्र की आपबीती ने खोली पोल
खंडवा से एलएलबी की परीक्षा देने आए एक छात्र ने बताया कि आर्थिक तंगी के चलते वह आश्रय केंद्र में रुका था. लेकिन खटमलों के काटने से उसका पूरा शरीर संक्रमित हो गया. नींद पूरी न होने के कारण उसके एग्जाम पर भी असर पड़ा. छात्र ने इसकी शिकायत नगर निगम से की और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल भी किया.

डॉक्टरों ने दी चेतावनी
डॉक्टरों के मुताबिक, खटमलों के काटने से स्किन टाइफस जैसी गंभीर बीमारी फैल सकती है. इसमें तेज बुखार आता है और इलाज भी आसान नहीं होता. जिले में ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ने की बात भी सामने आई है.

सफाई में लापरवाही बनी वजह
आश्रय केंद्रों में साफ-सफाई की भारी कमी देखने को मिल रही है. यहां तैनात कर्मचारियों ने भी माना कि खटमलों की समस्या काफी बढ़ गई है और अधिकारियों को इसकी जानकारी दी जा चुकी है. हालांकि महापौर का कहना है कि अभी तक कोई आधिकारिक शिकायत नहीं मिली है, शिकायत मिलते ही कार्रवाई की जाएगी.

सवालों के घेरे में व्यवस्था
इतनी बड़ी रकम खर्च करने के बावजूद अगर लोगों को सुरक्षित और साफ रहने की सुविधा नहीं मिल पा रही, तो यह सिस्टम पर बड़ा सवाल खड़ा करता है. अब देखना होगा कि नगर निगम इस गंभीर समस्या पर कब तक ठोस कार्रवाई करता है

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Shweta Singh

Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें



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