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Bhopal News: एमपी के भोपाल में रेलवे सिल्वर मेडल घोटाला सामने आया है, जिसमें 99.90% शुद्ध चांदी बताई गई मेडल्स में सिर्फ 0.0023% चांदी और 99.80% कॉपर पाया गया. सीबीआई ने इंदौर की कंपनी और अज्ञात रेलवे अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है.
Silver Medal Scam(रमाकांत दुबे): मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक बड़ा घोटाला सामने आया है, जिसने रेलवे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं. सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने पश्चिम मध्य रेलवे में सिल्वर मेडल की सप्लाई में कथित अनियमितताओं को लेकर एफआईआर दर्ज की है. इस मामले में इंदौर की एक कंपनी और रेलवे और राइट्स के अज्ञात अधिकारियों को आरोपी बनाया गया है. जानकारी के अनुसार, जिन मेडल को 99.90% शुद्ध चांदी का बताया गया था, जांच में उनमें मात्र 0.0023% चांदी पाई गई. सबसे हैरानी की बात यह है कि इन मेडल्स में करीब 99.80% कॉपर (तांबा) मिला, जिससे पूरे मामले में बड़े लेवल पर धोखाधड़ी की आशंका जताई जा रही है.
रेलवे ने दिया था ऑर्डर
रेलवे ने 23 जनवरी 2023 को 3640 मेडल की सप्लाई के लिए लगभग 49.68 लाख रुपए का ऑर्डर दिया था. सप्लाई से पहले 12 अक्टूबर 2023 को राइट्स के इंजीनियर अनुज कुमार वर्मा ने इन मेडल्स का निरीक्षण किया था और अपनी रिपोर्ट में इन्हें मानक के अनुरूप बताया था. हालांकि, इसके कुछ ही दिनों बाद 19 अक्टूबर को लैब जांच में 3631 मेडल अमानक पाए गए, जिससे पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े हो गए. इन सभी मेडल्स को भोपाल स्थित कोच रिहैबिलिटेशन वर्कशॉप में जमा कराया गया था. बाद में नोएडा और कोलकाता की लैब रिपोर्ट्स में भी मेडल्स की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए गए, जिसके बाद मामला CBI तक पहुंचा.
फिलहाल, एंटी करप्शन पोर्टल (ACB) भोपाल की टीम इस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है. इस हाई-प्रोफाइल केस की निगरानी एसपी आकाश कुमार मीणा कर रहे हैं. यह मामला न केवल सरकारी खरीद प्रणाली में पारदर्शिता पर सवाल उठाता है. अब आने वाले दिनों में जांच से और बड़े खुलासे होने की संभावना है.
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Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें