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Balaghat News: नवाचार से न सिर्फ बच्चों की पढ़ाई बेहतर होगी बल्कि टीएनजर्स में होने एंगर मैनेजमेंट में भी अहम भूमिका निभाएगा. इसमें स्कूल की तमाम कक्षाओं में एक स्पीकर लगाए गए है और सीधे उसका कनेक्शन प्राचार्य के ऑफिस से है. ऐसे में लोकल 18 स्कूल पहुंचा और समझने की कोशिश की आखिर वो सिस्टम क्या है और कैसे काम करता है.
School Innovation: अगर सुविधाओं का जिक्र होता है, तो हमेशा प्राइवेट स्कूलों का ही जिक्र होता है. लेकिन बीते कुछ सालों में सरकारी स्कूल न सिर्फ रिजल्ट में प्राइवेट स्कूलों को पछाड़ रहे है बल्कि सुविधाओं में भी टक्कर दे रहे हैं. अब बालाघाट के शासकीय श्याम बिहारी वर्मा उत्कृष्ट विद्यालय ने एक नवाचार किया है. ऐसा सिस्टम शायद ही प्राइवेट स्कूलों में देखने को मिलता होगा. अब इस नवाचार से न सिर्फ बच्चों की पढ़ाई बेहतर होगी बल्कि टीएनजर्स में होने एंगर मैनेजमेंट में भी अहम भूमिका निभाएगा. इसमें स्कूल की तमाम कक्षाओं में एक स्पीकर लगाए गए है और सीधे उसका कनेक्शन प्राचार्य के ऑफिस से है. ऐसे में लोकल 18 स्कूल पहुंचा और समझने की कोशिश की आखिर वो सिस्टम क्या है और कैसे काम करता है.
संगीतमय ऊर्जा से होगी स्कूल की शुरुआत
बालाघाट के 114 साल पुराने स्कूल में आध्यात्म की नई गूंज सुनाई देगी. जहां पर हर स्कूल के 20 कक्षाओं में ब्रॉडकास्टिंग स्पीकर लगाए गए है. वहीं, इन स्पीकर्स में स्कूल आने के समय एक मोटिवेशनल म्यूजिक लगाया जाता है. 15 मिनट तक यह म्यूजिक चलता है, जिससे बच्चों में नया उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है.
छुट्टी से पहले बच्चों का फ्रस्टेशन होगा कम
आमतौर पर लगातार कक्षाओं और पढ़ाई के दबाव में छुट्टी होते तक बच्चे मानसिक रूप से थक जाते हैं लेकिन अब इसी समस्या को दूर करने के लिए ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम में छूट्टी से महज 15 मिनट पहले मन को शांत करने वाले संगीत को बजाया जाता है. ऐसे में स्कूल प्रशासन का मानना है कि ऐसा करने से बच्चों का दिन भर का तनाव 15 मिनट में कम हो सकेगा. साथ ही वह हंसते खेलते घर जाएंगे.
क्लासरूम से सीधा संवाद
उत्कृष्ट विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य शरद ज्योतिषी ने बताया कि इस सिस्टम के लगने से एक और बड़ा फायदा हो रहा है. दरअसल, हर कक्षा में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए है. वहीं, अब ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम के जरिए आवाज पहुंचाई और वहां से आवाज सुनाई आ सकेगी. ऐसे में कभी किसी कारण से क्लास में शिक्षक नहीं रहते हैं, तो वहां पर प्राचार्य स्कूल की निगरानी कर सकेंगे. वहीं, अगर बच्चों को कोई समस्या है, तो वह प्राचार्य कक्ष तक सीधे कक्षा से अपनी बात पहुंचा सकेंगे. इससे क्लासरूम और प्राचार्य का सीधा संवाद होगा.
ऐसे काम करेगा सिस्टम
स्कूल में लगा सिस्टम न सिर्फ बच्चों के मनोरंजन बल्कि अनुशासन को बनाए रखने में भी मदद करेगा. स्कूल सुबह 10 बजे शुरू होता है. हर पीरियड 50 मिनट का होता है. ऐसे में बेल की आवाज हर क्लास तक नहीं पहुंचती है. तब इस सिस्टम के इस्तेमाल से समय-समय पर क्लास में सीधे बेल के माध्यम सूचित करेगा. आपको बता दें कि इस स्कूल में 23 कक्षाएं संचालित हो रही है. वहीं, 20 कक्षाओं में स्पीकर्स लगाए गए हैं. पूरे स्कूल में जिले भर से बच्चे पढ़ने के लिए आते हैं. स्कूल में कूल 1405 बच्चे दर्ज है.
सिस्टम के लगने से बच्चे हुए खुश
स्कूल के इस नवाचार से बच्चों में काफी खुशी देखी गई है. बच्चों ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि लगातार पढ़ाई से मन में तनाव आ जाता है. लेकिन इस प्रैक्टिस से हमें अच्छा महसूस हो रहा है. वहीं, प्राचार्य शरद ज्योतिषी का कहना है कि आमतौर पर देखा गया है कि बीते 10 से 15 सालों में टीनएजर्स और भी आक्रामक हो गए हैं. ऐसे में उनकी मानसिकता को समझना बेहद जरूरी है. ऐसे में अध्यात्म और संगीत एक ऐसा रास्ता है, जो मन को शांत रख सकता है. विद्यालय की पहल भी इसी समस्या को देखते हुए की गई है. ऐसे में सकारात्मक बदलाव देखे जा सकते हैं.
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Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें