पापा ने स्कूल की शिकायत की तो सजा बेटी को मिली! सीहोर में KG की बच्ची पर फूटा गुस्सा

पापा ने स्कूल की शिकायत की तो सजा बेटी को मिली! सीहोर में KG की बच्ची पर फूटा गुस्सा


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Sehore News: मध्य प्रदेश के सीहोर से स्कूल की मनमानी का अजब मामला सामने आया है. यहां एक अभिभाव ने स्कूल की शिकायत प्रशासन में की तो प्रबंधन ने बच्ची पर ही गुस्सा निकाल दिया. अब मामला बीआरसी तक जा पहुंचा है. स्कूल से जवाब मांगा गया है.

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सीहोर निजी स्कूल पर मनमानी का आरोप.

Sehore News: सीहोर के बुधनी स्थित शाह सतनाम स्कूल ने कक्षा केजी-2 में पढ़ रही एक छात्रा को स्कूल प्रबंधन का गुस्सा झेलना पड़ा. पिता का आरोप है कि स्कूल ने उनकी बच्ची का नाम काट दिया. वजह सिर्फ यह थी कि पिता ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ शासन-प्रशासन से शिकायत की थी. कक्षा केजी-2 की छात्रा की बिना किसी वजह के स्कूल ने टीसी (ट्रांसफर सर्टिफिकेट) जारी कर दी. बता दें कि शाह सतनाम स्कूल बाबा राम रहीम की धार्मिक संस्था द्वारा संचालित किया जाता है.

इसके बाद जब छात्रा के पिता महेंद्र चौहान ने प्राचार्या अमनदीप कौर से टीसी जारी करने की वजह पूछी तो प्राचार्या ने साफ-साफ बता दिया कि ”आपने स्कूल प्रबंधन की शिकायत करके हमारी छवि खराब करने की कोशिश की है, इसलिए आपकी बेटी का नाम स्कूल से काट दिया गया है.” इसके बाद मामले ने तूल पकड़ा और पिता ने स्कूल प्रबंधन की शिकायत बीआरसी में की. अब स्कूल से जवाब तलब किया गया है.

स्कूल से मांगा गया जवाब
छात्रा के पिता ने स्कूल प्रबंधन की इस मनमानी के खिलाफ बीआरसी (ब्लॉक रिसोर्स कोऑर्डिनेटर) को लिखित शिकायत दर्ज कराई है. मामले की जानकारी देते हुए बीआरसी मणिशंकर शर्मा ने बताया, ”हमें पालक का आवेदन प्राप्त हो गया है. हमने स्कूल प्रबंधन को नोटिस जारी कर लिखित जवाब मांगा है. जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी.”

अभिभावकों में गुस्सा
वहीं दूसरी ओर इस घटना से अभिभावकों में आक्रोश फैल गया है. लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या निजी स्कूल प्रबंधन अभिभावकों को अपनी शिकायत का अधिकार भी नहीं देना चाहता? छोटी सी बच्ची को स्कूल से निकालकर प्रबंधन ने सिर्फ बदले की भावना से काम लिया है. शिक्षा का अधिकार कानून के तहत हर बच्चे को बुनियादी शिक्षा का अधिकार है, लेकिन यहां प्रबंधन अपनी सत्ता दिखाने में लगा दिख रहा है.

पिता महेंद्र चौहान ने बताया, उन्होंने स्कूल की कुछ गड़बड़ियों को लेकर ही शिकायत की थी, लेकिन इसके जवाब में उनकी निर्दोष बेटी को सजा दे दी गई. स्थानीय स्तर पर इस मामले की चर्चा जोरों पर है और लोग प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं.

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Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें



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