बालाघाट में बिजली कर्मचारी महासंघ के बैनर तले गुरुवार को बिजली विभाग के नियमित, संविदा और आउटसोर्स कर्मचारी काम बंद कर हड़ताल पर चले गए। यह आंदोलन संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण, आउटसोर्स कर्मचारियों के संविलियन और नई भर्तियों की मांग को लेकर किया जा रहा है। कर्मचारियों ने अपनी 11 सूत्रीय मांगों को पूरा न होने पर काम ठप करने की चेतावनी दी है। बिजली कर्मचारी मजदूर संघ, चरणबद्ध आंदोलन के तीसरे चरण के तहत यह हड़ताल कर रहा है। संघ का कहना है कि विद्युत विभाग में नई भर्तियां न होने से नियमित कर्मचारियों पर काम का दबाव बढ़ रहा है, जिससे वे परेशान हैं। 2 अप्रैल को कंपनी के बिजली विभाग के सभी कर्मचारी हड़ताल में शामिल हुए। संघ जिलाध्यक्ष राधेश्याम ठाकरे ने बताया कि बिजली कर्मचारी महासंघ 11 सूत्रीय मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन चला रहा है। इसी क्रम में आज मुख्यालयों में काम बंद कर धरना दिया गया। उन्होंने आगे बताया कि यदि सरकार ने मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो आगामी 16 अप्रैल को प्रदेश की राजधानी भोपाल में राज्य भर के कर्मचारी सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे। 1983 से नही हुई भर्ती ठाकरे ने यह भी कहा कि यदि इसके बाद भी सरकार कर्मचारियों की मांगों पर ध्यान नहीं देती है, तो सभी कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। उन्होंने बताया कि वर्ष 1983 से सरकार बिजली विभाग में नियमित भर्ती नहीं कर रही है, बल्कि संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों से काम चला रही है। इससे कर्मचारियों पर काम का अत्यधिक दबाव है और वे मानसिक, आर्थिक तथा शारीरिक रूप से प्रताड़ित हो रहे हैं।
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