शाजापुर जिले को कलेक्टर ऋजु बाफना ने गुरुवार शाम ‘जल अभावग्रस्त क्षेत्र’ घोषित कर दिया है। यह निर्णय लगातार गिरते भू-जल स्तर और संभावित पेयजल संकट को देखते हुए लिया गया है। जिले में इस वर्ष औसत 990.10 मिमी के मुकाबले केवल 587.20 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जिससे जल स्तर में लगातार गिरावट आई है। पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 और संशोधन अधिनियम 2002 की धारा 3 के तहत जारी आदेश में, धारा 4(1) के अंतर्गत जिले के सभी जल स्रोतों (बांध, नदी, नहर, झील, कुएं, नलकूप आदि) से पानी के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया गया है। यह प्रतिबंध घरेलू उपयोग को छोड़कर सिंचाई, औद्योगिक या व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए पानी निकालने पर लागू होगा। हालांकि, पूर्व से अनुमति प्राप्त मामलों को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है। नलकूप खनन पर रोक इसके अतिरिक्त, धारा 6(1) के तहत निजी और अशासकीय नलकूप खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। बिना अनुमति जिले में बोरिंग मशीनों के प्रवेश और खनन पर भी रोक रहेगी। आदेश का उल्लंघन करने पर बोरिंग मशीनें जब्त कर एफआईआर दर्ज की जाएगी। पहली बार उल्लंघन पर 5 हजार रुपए का जुर्माना, जबकि दोबारा उल्लंघन पर 10 हजार रुपए का जुर्माना या दो वर्ष तक की सजा का प्रावधान है। यह आदेश 1 अप्रैल 2026 से 31 जुलाई 2026 तक प्रभावी रहेगा।
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