सारे विघ्न हर लेंगे भगवान गणेश, बस विनायक चतुर्थी पर करने होंगे ये छोटे उपाय

सारे विघ्न हर लेंगे भगवान गणेश, बस विनायक चतुर्थी पर करने होंगे ये छोटे उपाय


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Ujjain News: संकष्टी चतुर्थी के दिन अगर संकटनाशन गणेश स्तोत्र का श्रद्धापूर्वक पाठ किया जाए, तो जीवन में बार-बार आने वाली परेशानियों से छुटकारा मिल सकता है. मान्यता है कि ऐसा करने से भगवान गणेश की कृपा से सभी संकट दूर होते हैं.

उज्जैन. शास्त्रों में हर तिथि और हर वार का अत्यधिक महत्व बताया गया है. इन्हीं तिथियों में से वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि का खास महत्व है क्योंकि इस दिन संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जाता है. भगवान गणेश को प्रथम पूज्य देवता का दर्जा प्राप्त है, इसलिए हर एक माह की चतुर्थी तिथि भगवान गणेश को समर्पित होती है. मान्यता है कि यह व्रत दुखों और संकटों को दूर करने वाला माना जाता है. इस दिन विधि-विधान से गणेश जी की पूजा करने से भक्तों के जीवन से सभी बाधाएं दूर होती हैं और सुख-सौभाग्य की प्राप्ति होती है. उज्जैन के आचार्य आनंद भारद्वाज से जानते हैं कि वैशाख माह की संकष्टी चतुर्थी कब है और इस दिन के लिए क्या उपाय हैं.

हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल वैशाख महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 5 अप्रैल दिन रविवार को सुबह 11 बजकर 59 मिनट पर शुरू होगी. वहीं इसका समापन 6 अप्रैल को दोपहर में 2 बजकर 10 मिनट पर होगा. ऐसे में वैशाख संकष्टी चतुर्थी का व्रत 5 अप्रैल को रखा जाएगा.

चंद्र दोष से मिलती है मुक्ति
इस दिन भगवान गणेश की पूजा करने से साधक की हर मनोकामना पूरी होगी. इसके साथ ही सुख और सौभाग्य में वृद्धि होती है. साथ ही जिन लोगों की कुंडली में चंद्र दोष है, उनका दोष दूर होता है, इसलिए इस दिन व्रत रखने का विशेष महत्व शास्त्रों मे बताया गया है.

जरूर करें ये उपाय
1. संकष्टी चतुर्थी की रात बच्चों की पढ़ाई में एकाग्रता बढ़ाने के लिए विशेष उपाय बताया गया है. यदि काफी प्रयास के बाद भी बच्चे का पढ़ाई में मन नहीं लग रहा, तो भगवान गणेश के सामने बैठकर गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करें. इससे बुद्धि और ज्ञान में वृद्धि होती है, साथ ही बच्चों की समझ और निर्णय लेने की क्षमता भी तेज होती है.

2. संकष्टी चतुर्थी की रात विशेष उपाय करने से सफलता के रास्ते खुल सकते हैं. पूजा के बाद सोने से पहले मिट्टी का दीपक लें, उसमें गाय का घी भरें और चार लौंग डालकर जलाएं. भगवान गणेश को 21 दूर्वा अर्पित कर ‘ॐ गं गणपतये नमः’ मंत्र का जाप करें. इससे आर्थिक तंगी दूर होने की मान्यता है.

3. संकष्टी चतुर्थी के पावन दिन यदि संकटनाशन गणेश स्तोत्र का श्रद्धापूर्वक पाठ किया जाए, तो जीवन में बार-बार आने वाली परेशानियों से राहत मिल सकती है. मान्यता है कि भगवान गणेश की कृपा से सभी संकट दूर होते हैं, इसलिए इस दिन इस स्तोत्र का पाठ करना बेहद शुभ और फलदायी माना गया है.

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Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.



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