देश के लाखों EPS-95 पेंशनभोगियों ने अपनी 4-सूत्रीय मांगों को लेकर एक बार फिर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इसी क्रम में, EPS-95 नेशनल एजिटेशन कमेटी (NAC) ने गुरुवार, 2 अप्रैल को कलेक्ट्रेट में नायब तहसीलदार शशिकांत दुबे को प्रधानमंत्री नरेंद्र म
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ज्ञापन में पेंशनभोगियों ने अपनी 4-सूत्रीय मांगों को तत्काल मंजूर करने की अपील की है। कमेटी ने बताया कि पेंशनर्स पिछले 10 वर्षों से संघर्षरत हैं। महाराष्ट्र के बुलढाणा में 24 दिसंबर 2018 से उनका निरंतर क्रमिक अनशन जारी है।
आवेदन में पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई की अध्यक्षता वाली संसदीय समिति की सिफारिशों का हवाला दिया गया है। इसमें न्यूनतम पेंशन को वर्तमान जीवन-यापन की लागत के अनुरूप बढ़ाने की मांग की गई है। पेंशनभोगियों का कहना है कि अल्प पेंशन राशि और मेडिकल सुविधाओं के अभाव में बुजुर्ग पेंशनभोगियों की मृत्यु दर बढ़ रही है, जो चिंताजनक है।

हाल ही में दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक सफल आंदोलन के बाद, अब 27 मार्च 2026 से देश भर के EPFO कार्यालयों और जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपने का राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम शुरू किया गया है।
पेंशनभोगियों ने सरकार से विशेष निवेदन किया है कि आगामी कैबिनेट बैठक या संसद सत्र में उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाए। उनका उद्देश्य है कि वर्षों से चल रहा यह आंदोलन सम्मानपूर्वक समाप्त हो सके और बुजुर्गों को गरिमामय जीवन मिल सके।