क्रिकेट के 5 सबसे बड़े स्कोर, 29 साल से अटूट है श्रीलंका का विश्व कीर्तिमान

क्रिकेट के 5 सबसे बड़े स्कोर, 29 साल से अटूट है श्रीलंका का विश्व कीर्तिमान


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क्रिकेट के 5 सबसे बड़े स्कोर, 29 साल से अटूट है श्रीलंका का विश्व कीर्तिमान

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5 Highest innings totals in Test: टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में एक पारी में सबसे बड़ा स्कोर बनाने का विश्व कीर्तिमान श्रीलंका के नाम है. श्रीलंका ने यह ऐतिहासिक कारनामा भारत के खिलाफ साल 1997 में किया था. इसके बाद इस लिस्ट में इंग्लैंड का नंबर आता है. इंग्लैंड ने एक नहीं बल्कि दो बार एक पारी में 800 से ज्यादा रन बनाकर इतिहास रचा. पाकिस्तान भी टेस्ट की पारी में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली टीमों में शुमार है. विंडीज भी इस लिस्ट में शामिल होकर अपने सुनहरे दिनों को याद दिलाता है.यह आंकड़े केवल रनों का अंबार नहीं, बल्कि बल्लेबाजों के धैर्य और मैदान पर उनकी अविश्वसनीय बादशाहत की दास्तां बयां करते हैं.

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टेस्ट क्रिकेट के 5 सबसे बड़े स्कोर.

नई दिल्ली. टेस्ट क्रिकेट के 149 साल के इतिहास में कई ऐसे लम्हे आए हैं जब बल्लेबाजों ने मैदान पर अपनी बादशाहत कायम की और स्कोरबोर्ड को एक ऐसी ऊंचाई पर पहुंचा दिया, जहां पहुंचना किसी भी टीम के लिए एक सपने जैसा होता है. टेस्ट में बड़ा स्कोर खड़ा करना केवल रनों का अंबार नहीं, बल्कि धैर्य, तकनीक और मानसिक मजबूती का असली इम्तिहान होता है. आज हम क्रिकेट इतिहास की उन पांच सबसे बड़ी पारियों की बात करेंगे, जिन्होंने खेल की परिभाषा बदल दी.

श्रीलंका का नाम इस लिस्ट में सबसे ऊपर आता है . जिसने साल 1997 में कोलंबो के प्रेमदासा स्टेडियम में भारत के खिलाफ रनों का एक ऐसा पहाड़ खड़ा किया था, जो आज 29 साल बाद भी अटूट है. भारत ने पहली पारी में 537 रनों का मजबूत स्कोर बनाया था, जवाब में श्रीलंका ने अपनी पहली पारी में इतिहास रच दिया. सनथ जयसूर्या (Sanath Jayasuriya) के 340 रन और रोशन महानामा (Roshan Mahanama) के 225 रनों की बदौलत श्रीलंका ने 271 ओवरों में 3.51 की रन रेट से 6 विकेट पर 952 रन बनाकर पारी घोषित की. यह टेस्ट क्रिकेट के इतिहास का सर्वोच्च स्कोर है. वह मैच भले ही ड्रॉ रहा, लेकिन श्रीलंका ने दुनिया को दिखा दिया कि बल्लेबाजी की पराकाष्ठा क्या होती है.

टेस्ट क्रिकेट के 5 सबसे बड़े स्कोर.

इंग्लैंड ने 7 विकेट पर 903 रन बनाकर पारी घोषित की
श्रीलंका के रिकॉर्ड से पहले, करीब 60 सालों तक इंग्लैंड का एक स्कोर क्रिकेट जगत में शीर्ष पर रहा था. 1938 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एशेज सीरीज के दौरान द ओवल के मैदान पर इंग्लैंड ने 335.2 ओवर बल्लेबाजी करते हुए 7 विकेट पर 903 रन बनाए थे. सर लेन हटन ने उस मैच में 364 रनों की शानदार पारी खेली थी. 2.69 की रन रेट से बने इस स्कोर ने ऑस्ट्रेलिया को इस कदर पस्त किया कि इंग्लैंड ने वह मैच पारी और 579 रनों के भारी अंतर से जीता. यह आज भी रन अंतर के लिहाज से टेस्ट इतिहास की सबसे बड़ी जीत मानी जाती है.

किंग्सटन इंग्लैंड के 849 रन का टोटल
रिकॉर्ड्स की किताब में तीसरा सबसे बड़ा स्कोर भी इंग्लैंड के ही नाम है. साल 1930 में वेस्टइंडीज के खिलाफ किंग्स्टन के मैदान पर इंग्लैंड ने पहली पारी में 258.2 ओवरों में 3.28 की रन रेट से 849 रन बनाए थे. उस दौर में टेस्ट मैच ‘टाइमलेस’ हुआ करते थे, यानी जब तक नतीजा न निकल जाए खेल चलता रहता था. एंडी सैंडहम के 325 रनों के बावजूद यह मैच ड्रॉ पर समाप्त हुआ क्योंकि नौवें दिन बारिश ने खेल बिगाड़ दिया और इंग्लैंड की टीम को अपनी शिप पकड़ने के लिए निकलना पड़ा. यह क्रिकेट के उस दौर की कहानी है जब बल्लेबाजी का मतलब क्रीज पर घंटों नहीं, बल्कि दिनों तक टिके रहना था.

इंग्लैंड की मुल्तान में धमाकेदार पारी
क्रिकेट के मॉडर्न एरा में जब लोग यह मानने लगे थे कि अब 800 प्लस स्कोर बनाना नामुमकिन है, तब अक्टूबर 2024 में इंग्लैंड ने पाकिस्तान के खिलाफ मुल्तान में सबको हैरान कर दिया.’बैजबॉल’ (Bazball) शैली का बेहतरीन नमूना पेश करते हुए इंग्लैंड ने महज 150 ओवरों में 5.48 की तूफानी रन रेट से 7 विकेट पर 823 रन बना दिए. हैरी ब्रूक के तिहरे शतक और जो रूट के दोहरे शतक ने पाकिस्तान के गेंदबाजों को असहाय कर दिया. दूसरी पारी में खेलते हुए इतना विशाल स्कोर बनाना और फिर मैच जीतना यह दर्शाता है कि मॉडर्न क्रिकेट में गति और आक्रामकता ने खेल का चेहरा बदल दिया है.

गैरी सोबर्स का जलवा,वेस्टइंडीज ने बनाए 3 विकेट पर 790 रन
इस लिस्ट में पांचवीं सबसे बड़ी पारी वेस्टइंडीज के सुनहरे दौर की याद दिलाती है. 1958 में पाकिस्तान के खिलाफ किंग्स्टन में खेलते हुए वेस्टइंडीज ने दूसरी पारी में 208.1 ओवरों में 3.79 की रन रेट से तीन विकेट पर 790 रन बनाए थे. इसी मैच में महान गैरी सोबर्स ने नाबाद 365 रन बनाकर उस समय का व्यक्तिगत सर्वोच्च स्कोर बनाया था. वेस्टइंडीज ने यह मुकाबला पारी और 174 रनों से जीता था. केवल तीन विकेट खोकर करीब 800 रन बनाना यह साबित करता है कि उस दौर में वेस्टइंडीज के पास दुनिया का सबसे खतरनाक बल्लेबाजी क्रम था.

About the Author

Kamlesh Raiचीफ सब एडिटर

करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें



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