सदस्यता खत्म होने के बाद राजेंद्र भारती के पास बचा सिर्फ ये ऑप्शन, कैसे बचेगी विधायकी

सदस्यता खत्म होने के बाद राजेंद्र भारती के पास बचा सिर्फ ये ऑप्शन, कैसे बचेगी विधायकी


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Rajendra Bharti Vidhansabha Membership: राजेंद्र भारती की विधानसभा सदस्यता खत्म होने के बाद मध्य प्रदेश में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो चुकी हैं. कांग्रेस ने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं और इसे बदले की राजनीति करार दिया है. वहीं बीजेपी की तरफ से कहा गया है कि यह पूरी तरह से कानूनी प्रक्रिया है.

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राजेंद्र भारती की कैसे बचेगी सदस्यता

Rajendra Bharti: मध्य प्रदेश में एक नाटकीय घटनाक्रम में आधी रात में राजेंद्र भारती की विधानसभा की सदस्यता खत्म कर दी गई. प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा विधानसभा पहुंचे और उनकी सदस्यता खत्म करने की कवायद शुरू कर दी. तभी वहां अचानक जीतू पटवारी और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा पहुंच गए. फिर इसको लेकर प्रदेश में सियासत अपने चरम पर पहुंच गई, जहां बीजेपी और कांग्रेस ने एक-दूसरे के ऊपर आरोप लगाए हैं. अब सबसे बड़ा सवाल यही सिर उठाए खड़ा है कि क्या राजेंद्र भारती अपनी विधायकी बचा पाएंगे या फिर चुनाव आयोग दतिया में उपचुनाव करवाएगा. आइए जानते हैं, इसके बारे में.

दिल्ली की MP-MLA कोर्ट ने राजेंद्र भारती को पुराने एफडी हेराफेरी मामले में दोषी करार दिया था और उन्हें तीन साल की सजा भी सुनाई गई थी. इसके अलावा हेराफेरी में उनका साथ देने वाले बैंक क्लर्क रघुवीर प्रजापति को भी दोषी ठहराया गया. राजेंद्र को सजा होने के कुछ घंटे बाद ही, विधानसभा से भी उनकी सदस्यता समाप्त करने का नोटिफिकेशन जारी कर दिया.

राजेंद्र भारती सीनियर कोर्ट में अपील करके पा सके हैं स्टे
जनप्रतिनिधि नियम कहता है अगर किसी को 2 साल के अधिक सजा हुई, तो सदस्यता खत्म हो जाएगी. राजेंद्र भारती को कोर्ट की तरफ से अपील करने के लिए 60 दिनों का समय दिया गया है. अगर इस दौरान सीनियर कोर्ट अगर निचली अदालत के फैसले पर स्टे लगा देती है, तो उनकी अयोग्यता खत्म हो सकती है और इस तरह से उनकी विधायकी बच सकती है. अब उनके पास सिर्फ यही ऑप्शन बचा है कि पहले कोर्ट में अपील करें, स्टे पा लें और विधायकी बचा लें. वहीं अगर उन्हें सीनियर कोर्ट से राहत नहीं मिलती है, तो उनके लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं.

विधायकी बचाने के लिए कांग्रेस की पूरी तैयारी
राजेंद्र भारती की विधायकी बचाने के लिए कांग्रेस बिल्कुल अलर्ट मोड में आ गई है और इसके लिए कांग्रेस ने बड़ी तैयारी भी की है. बताया जा रहा है कि बड़े नेताओं की टीम पूरी तरह से तैयार कर ली गई है, जिसमें विवेक तंखा, कपिल सिब्बल अपनी टीम के साथ उच्च अदालतों में अपील अपील करेंगे. इसके अलावा दिग्विजय सिंह इस मामले की मॉनिटरिंग करेंगे.

जून में होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस सतर्क हो गई है और किसी भी तरह से अपने विधायकों को एकजुट रखना चाहती है, ताकि वह राज्यसभा सीट जीत सकें और इसी लिए जीतू पटवारी आधी रात भागे-भागे सचिवालय पहुंच गए.

जीतू पटवारी बोले-लोकतंत्र का घोंटा जा रहा गला
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्यसभा चुनाव को लेकर कहा कि लोकतंत्र का गला घोटने का षड्यंत्र किया जा रहा है. चुनाव सिर्फ इसलिए हो रहे हैं कि भाजपा को चुन लिया जाए. यह चुनाव प्रभावित करने के लिए मुकेश मल्होत्रा और राजेंद्र भारती के साथ षड्यंत्र है. विधायक कम करें और चुनाव में अटैक करें. यह एक षड्यंत्र है.



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