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क्रिकेट को अनिश्चितताओं का खेल कहा जाता है, लेकिन 11 नवंबर 2011 (11-11-11) की सुबह केपटाउन में जो हुआ, वह अनिश्चितता से कहीं बढ़कर था. इसे ‘नेल्सन नंबर’ का सबसे बड़ा चमत्कार माना जाता है. ये क्रिकेट के मैदान पर हुई ऐसी घटना है जो ना पहले कभी हुई थी और ना आगे कभी होगी.
11-11-11 की क्रिकेट के मैदान की वो घटना जो ना पहले हुई थी और ना आगे होगी
नई दिल्ली. यह क्रिकेट इतिहास के उन पन्नों में से एक है जिसे आज भी पढ़कर यकीन करना मुश्किल होता है. 9 नवंबर 2011 को केपटाउन के न्यूलैंड्स मैदान पर दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच शुरू हुआ यह टेस्ट मैच सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि गणितीय संयोगों (Mathematical Coincidences) का एक ऐसा तिलस्म बन गया जिसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया.
क्रिकेट को अनिश्चितताओं का खेल कहा जाता है, लेकिन 11 नवंबर 2011 (11-11-11) की सुबह केपटाउन में जो हुआ, वह अनिश्चितता से कहीं बढ़कर था. इसे ‘नेल्सन नंबर’ का सबसे बड़ा चमत्कार माना जाता है. ये क्रिकेट के मैदान पर हुई ऐसी घटना है जो ना पहले कभी हुई थी और ना आगे कभी होगी.
मैच का उतार-चढ़ाव: एक रोलरकोस्टर राइड
मैच की शुरुआत सामान्य रही थी ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में कप्तान माइकल क्लार्क के शानदार 151 रनों की बदौलत 284 रन बनाए. जवाब में दक्षिण अफ्रीका की हालत पतली हो गई और पूरी टीम महज 96 रनों पर ढेर हो गई ऑस्ट्रेलिया को 188 रनों की विशाल बढ़त मिली और लगा कि कंगारू यह मैच आसानी से जीत लेंगे. लेकिन दूसरे दिन के खेल ने इतिहास की सबसे नाटकीय स्क्रिप्ट लिखी. दूसरी पारी में शेन वॉटसन और वर्नोन फिलेंडर की घातक गेंदबाजी के सामने ऑस्ट्रेलियाई टीम ताश के पत्तों की तरह ढह गई. एक समय स्कोर 21 रन पर 9 विकेट था अंततः ऑस्ट्रेलिया 47 रन पर सिमट गई टेस्ट मैच के दूसरे दिन कुल 23 विकेट गिरे, जो अपने आप में एक विश्व रिकॉर्ड के करीब था.
वो ऐतिहासिक पल: 11:11 मिनट, तारीख 11-11-11 और रन 111
दक्षिण अफ्रीका को जीत के लिए 236 रनों का लक्ष्य मिला. दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक अफ्रीका ने 1 विकेट पर 81 रन बना लिए थे, तीसरे दिन यानी 11 नवंबर 2011 को जब खेल शुरू हुआ, तो स्टेडियम के स्कोरबोर्ड पर एक ऐसी स्थिति आई जिसने दर्शकों की धड़कनें रोक दीं. घड़ी में समय था सुबह के 11 बजकर 11 मिनट, तारीख थी 11-11-11, और दक्षिण अफ्रीका को जीत के लिए 111 रनों की दरकार थी, मैदान पर मौजूद अंपायर इयान गूल्ड ने भी इस पल की गंभीरता को समझा और मजाकिया अंदाज में एक पैर उठाकर (नेल्सन नंबर का संकेत) इस संयोग का जश्न मनाया, स्टेडियम में मौजूद हजारों दर्शक खड़े हो गए और इस अद्भुत संयोग के गवाह बने.
अविस्मरणीय अंत
इस जादुई संयोग के बाद मैच दक्षिण अफ्रीका के पक्ष में झुक गया ग्रीम स्मिथ (101*) और हाशिम अमला (112) के शानदार शतकों की मदद से दक्षिण अफ्रीका ने यह मैच 8 विकेट से जीत लिया, यह मैच आज भी केवल दक्षिण अफ्रीका की जीत या ऑस्ट्रेलिया की शर्मनाक हार के लिए याद नहीं किया जाता, बल्कि उस ‘एक मिनट’ के लिए याद किया जाता है जब अंकज्योतिष और खेल का ऐसा मिलन हुआ जो शायद सदियों में एक बार होता है, क्रिकेट के पंडित आज भी इसे “The Most Remarkable Minute in Cricket History” कहते हैं,